Wednesday, December 12, 2012

Grand plans afoot for 150th birth anniversary of Swami Vivekananda

A series of events will be held in the state from January 2013 to mark the 150th birth anniversary of Swami Vivekananda. Some of them are shobha yatra, gramotsav, yuva sammelan and yuva marathon. Different organisations/associations will celebrate the anniversary together.

The Swami Vivekananda Sardhshati Samaroh Samiti (SVSS) on Sunday announced its plans for the year.

A grand celebration will be held from January 12 to February 12, 2013. State convenor of SVSS, Bhargav Bhatt said, “We will have a grand shobha yatra on January 12 in the entire country where people from all communities will participate.”

On Sunday, SVSS announced that Kantisen Shroff from Bhuj was its new president for the state samaroh. Gruhsampark Abhiyaan will be carried out in the state from January 15 in which SVSS intends to reach out to all the villages and cities of the state and distribute photographs of Swami Vivekananda to all households.

“Around 25 lakh households will be covered under this programme,” added Bhatt.
Bhatt said seminars, yuva sammelans and a yuva marathon will be held as part of the celebrations. “Also, young girls will be given physical training too and a kabaddi competition will be held in different parts of the state.” A special medical camp for tribals has been planned in September 2013.

Yuva sammelans, shobha yatra and gramotsavs will be held to mark the occasion.

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Tuesday, December 11, 2012

स्वामी विवेकानंद सार्धशती राज्य समारोह समिति मध्य प्रदेश की घोषणा

Swami Vivekananda Sardh Shati announced Madhya Pradesh state party committeeसर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री डी.एम. धर्माधिकारी बने स्वामी विवेकानंद सार्धशती राज्य समारोह समिति मध्य प्रदेश के अध्यक्ष |

स्वामी विवेकानंद जी के १५० वे जन्म वर्ष के उपलक्ष में सम्पूर्ण देश में उनके सपनों का स्वावलंबी समर्थ भारत निर्माण करने सार्धशती समारोह का आयोजन १२ जनवरी २०१३ से १२ जनवरी २०१४ तक होने जा रहा है | इस दौरान स्वामी जी के विचारों के प्रचार के साथ व्यापक पैमाने पर ग्रामीण व वनवासी अस्मिता जागरण के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे | आज स्वराज भवन भोपाल में इस महत्वाकांक्षी व जन हितैषी योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश राज्य समारोह समिति की घोषणा स्वामी विवेकानंद सार्धशती समारोह के केन्द्रीय अधिकारी श्री अभय वापट द्वारा की गई | सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व मानवाधिकार आयोग मध्यप्रदेश के पूर्व अध्यक्ष श्री डी.एम. धर्माधिकारी इस समारोह समिति के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष श्री वृजकिशोर कुठियाला कुलपति माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्व विद्यालय भोपाल, डा. गोविन्द मिश्र प्रख्यात साहित्यकार व कुलपति नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्व विद्यालय जबलपुर तथा श्रीमती सीमा भिसे बने | सचिव श्री सोमकांत उमालकर भोपाल एवं सहसचिव डा. अखिलेश गुमाश्ता जबलपुर व श्री अमित जैन इंदौर रहेंगे | कोषाध्यक्ष के रूप में श्री व्रह्मानंद खंडेलवाल तथा सह कोषाध्यक्ष के रूप में श्री प्यारेलाल चौरसिया भोपाल, श्री राकेश भावसार इंदौर एवं श्री गोवर्धनलाल श्रीवास्तव जबलपुर कार्य करेंगे | इस अवसर पर प्रमुख शिक्षाविद, साहित्यकार समाजसेवियों की समारोह समिति भी घोषित की गई | स्मरणीय है की प्रख्यात आध्यात्मिक विभूति माँ अमृतानंदमयी इस समारोह की अखिल भारतीय अध्यक्ष हैं | मध्यप्रदेश में भी रामकृष्ण मिशन के सुनील जी महाराज, ॐकारेश्वर शक्ति पीठ की साक्षी दीदी माँ, नागोरिया पीठाधीश्वर विष्णु प्रपन्नाचार्य जी महाराज, डा. श्यामदास जी महाराज ज्ञानेश्वरी, एलक निशंक सागर महाराज, संत कृपाल सिंह जी महाराज आध्यात्मिक निकेतन मंडल ग्वालियर, बहिन अवधेश कुमारी प्रजापिता ईश्वरीय विश्व विद्यालय भोपाल एवं हरिगिरी बाबा संरक्षण मंडल में रहेंगे |

Swami Vivekananda Sardh Shati announced Madhya Pradesh state party committeeइस अवसर पर रा.स्व. संघ के क्षेत्र प्रचारक श्री रामदत्त जी ने स्वामी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुलामी का दंश झेलते तत्कालीन भारत के खोये आत्मविश्वास को विश्वपटल पर पुनर्जाग्रत करने बाले विवेकानंद जी के विचारों से ही आज की ज्वलंत समस्याओं का समाधान संभव है | भारतीय आध्यात्म में ही विश्व को मार्गदर्शन करने की क्षमता तथा सिद्धता है और स्वामी विवेकानंद के अनुसार नियति ने भारत की यही भूमिका सुनिश्चित की है | केन्द्रीय पदाधिकारी श्री अभय वापट ने अपने उद्वोधन में कहा कि सार्धशती आयोजन के दौरान पूरे भारत में चार करोड़ घरों तक स्वामी जी का राष्ट्र चेतना का सन्देश ले जाने का संकल्प लेकर स्वामी जी को अपेक्षित युवा आगे आयेंगे और नए भारत का निर्माण करेंगे I स्वामी विवेकानंद की मान्यता के अनुसार युवा ऊर्जा के सकारात्मक उपयोग हेतु युवा आयाम, देश के सर्वांगीण उन्नति में महिलाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने हेतु संवर्धनी आयाम, प्रवुद्धजनों में राष्ट्रीय भाव जागरण हेतु प्रवुद्ध आयाम, आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण हेतु ग्रामायण आयाम तथा वनवासी समाज के साथ समाज की समरसता हेतु अस्मिता आयाम की रचना की गई है | पूरे वर्षभर के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए श्री वापट ने बताया कि १२ जनवरी २०१३ को सार्धशती कार्यक्रम का उदघाटन स्थान स्थान पर भव्य शोभायात्राओं से होगा, १८ फरवरी को सम्पूर्ण देश में सामूहिक सूर्यनमस्कार कार्यक्रम होंगे, १ फरवरी से २० फरवरी तक गृह संपर्क अभियान के दौरान ग्रामों, नगरों व महानगरों के हर घर में स्वामी जी के विचार व सन्देश पहुंचाए जायेंगे, युवाओं की व्यापक सहभागिता के लिए विश्व विजय दिवस ११ सितम्बर को भारत जागो मेराथन दौड़ का आयोजन होगा | उपरोक्त के अतिरिक्त गोष्ठियां, परिसंवाद, युवाओं के युवा सम्मलेन, महिलाओं के शक्ति सम्मलेन, किशोरी संसद, ग्राम महोत्सव, वनवासी सम्मेलनों के आयोजन द्वारा स्वामी विवेकानंद के विचार जन जन तक पहुंचाए जायेंगे | कार्यक्रम का समापन १२ जनवरी २०१४ को मानव श्रंखला द्वारा होगा जिसके माध्यम से “मैं नहीं हम” की भावना का प्रसार किया जाएगा |

कार्यक्रम का सञ्चालन समिति के सचिव श्री सोमकांत उमालकर ने तथा आभार प्रदर्शन डा. अखिलेश गुमाश्ता ने किया | कार्यक्रम में कुल 70 की संख्या में मध्य प्रान्त , मालवा प्रान्त तथा महाकोशल प्रान्त से कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

Monday, December 10, 2012

Brief of Celebration Committee meeting and invitation for 11th January

ammaThe first meeting of the Swami Vivekananda Sardhashati Samaroh Samiti was held on 4th December, 2012. We are thankful to the honourable Sanrakshas and members for their participation in the meeting. The suggestions made by the members have been noted and every effort will be made to implement them.


The meeting was addressed by Hon’ble P. Parmeshwaran ji and the concluding remarks were made by Dr. Subhash Kashyap, Honorary chairman of the Samiti. Swami Amritaswarupananda Puriji was present as a nominee of Hon’ble Mata Amritanandmayi Deviji. The message of Mataji was read out. The blessings of Mataji have inspired us for furtherance of our work.

We have great pleasure to invite you for the Inaugural function of the celebrations to be held in Delhi on 11th Jan, 2012. The Programme details will be communicated in due course. Kindly book the day to attend the function. The necessary arrangements of stay will be made by us. The Presidents of the State Committees are requested to participate in the function and Shobha Yatras at their respective places.

Formation of Swami Vivekananda Sardha Shati Samaroha Samiti in Andaman

The year 2013 is the 150th birth anniversary year of the great patriot-monk and nation-builder of our country  – Swami Vivekananda. In order to celebrate this occasion in a befitting manner in these Isles as the part of its national programme, by spreading the message and the principles of the great Swamiji to every individual of these islands, a Samiti has been formed in the name Swami Vivekananda Sardha Shati Samaroha Samiti (SVSSSS). In a program organized on 8th December 2012 in Vivekananda Kendra, Portblair, people from different walks of life attended and a Samiti was formed with Pujya Swami Haripadananda of Bharat Sevasharam Sangh and Pujya Swami Suddhananda of Chinmaya mission Portblair as the patrons, Sri P.K.Singh, Chief Engineer, APWD as the President, Dr. R.N.Rath, Principal, M.G. Govt College, Mayabunder as a Vice President, Sri Sumanta Kumar Nag, Manager, United Bank of India, Prothrapur as the Secretary, Sri P.S.Murty, Vivekananda Kendra, Andaman and Sri S.Vijayakumar, Principal, VKV Portblair as Joint Secretaries, Sri Anil Goel of Karan Trading (I) Pvt Ltd as Treasurer, Sri A.K.Maheswari, businessman as Joint treasurer. The samiti also has many leading personalities of the islands as its members.

During the programme, Sri S.Vijayakumar, Principal, VKV explained that the aim of the celebration is to give the universal message of Bharat – oneness, respect, diversity and immortality of the soul – in the words of Swami Vivekananda to as many as possible. As planned at the national level, there will be five segments of work area (Aayaam) to be carried forward such as –Yuva, Prabhuddha Bharat, Asmita, Gramayan and Samvardhini. Swamiji’s message has to be spread through out all segments of the society like youth, intellectuals, Tribals, Rural masses and women to gain confidence in the self, having higher aim in the life, spreading universal love and strengthening our traditional values and knowledge. Sri Sumanta Kumar Nag briefed the future plans of the samiti to the gathering. Swami Haripadananda blessed all. The programme concluded with Shanti mantra after the vote of thanks proposed by Dr. Amitabh Dey.

विवेकानन्द जयंती पर देश भर में चलेंगे कार्यक्रम - हिमाचल प्रदेश

शिमला — स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में वर्ष भर विवेकानंद जयंती सार्ध शती कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो 25 दिसंबर से 12 जनवरी, 2014 तक चलेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को विवेकानंद केंद्र कन्या कुमारी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ए बालकृष्णन ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रम विवेकानंद पर केंद्रित होंगे, जिसमें समाज के हर वर्ग सहित स्कूली छात्रों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदर्श समाज की स्थापना के लिए मानव को अपने निजी स्वार्थों को त्याग कर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करना होगा।

आज पाश्चात्य समाज से प्रभावित होकर युवा वर्ग संस्कारविहीन और दिशाहीन हो गया है, जिससे समाज में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। आज स्वामी विवेकानंद के आदर्श व विचार युवा पीढ़ी के लिए सही मार्गदर्शक बन सकते हैं, जिसके चलते देश-विदेश सहित प्रदेश में सार्ध शती कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं, जिसका आरंभ 25 जनवरी को संकल्प दिवस से होगा, जिसमें युवा की दृष्टि से नामक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जबकि जन्मदिवस पर 12 जनवरी 2013 को खंड स्तर तक समाज में चलने वाली विभिन्न धार्मिक संगठनों की सहभागिता से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। 18 फरवरी को युवाओं के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम, पहली से 30 अप्रैल तक ग्राम संपर्क घर -संपर्क कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर से घर-घर जाकर स्टिकर, साहित्य, कैलेंडर वितरित किए जाएंगे। 11 सितंबर को भारत जागो दौड़ आयोजित की जाएगी, जिसमें 18 से 40 वर्ष तक खंड स्तर तक दौड़ आयोजित होगी।


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विवेकानंद सार्ध शती समारोह १२ जनवरी से - राजस्थान

सिटी रिपोर्टर, स्वामी विवेकानंद की १५०वीं जयंती को सार्धशती समारोह के रुप में मनाया जाएगा। पिंकसिटी प्रेस क्लब में रविवार को प्रेस वार्ता में स्वामी विवेकानंद सार्धशती समारोह समिति के संयोजक टोकेकर ने बताया कि समारोह के तहत १२ जनवरी 2013 से १२ जनवरी २०१४ तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस समारोह का संदेश भारत जागो विश्व जगाओ रखा गया है। समारोह की शरुआत ११ जनवरी को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम से होगी । इस कार्यक्रम में माता अमृतानंदमयी देवी, दलाई लामा, रामकृष्ण मिशन के स्वामी गौतमानंद महाराज, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत, चिन्मय मिशन के स्वामी निखिलानंद और विवेकानंद केन्द्र के अध्यक्ष पी परमेश्वर गेस्ट के रुप में उपस्थित रहेगें। इसके बाद पूरे देश में शोभायात्रा, सामूहिक सूर्य नमस्कार, भारत जागो दौड़, गृह संपर्क, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, युवा सम्मेलन और मातृ सम्मेलन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा । राजस्थान  में २५ हजार शोभायात्राओं के साथ १२ जनवरी को इस समारोह की शरुआत होगी। समिति के सचिव डाँ। जसविन्द्र सिंह ने बताया कि देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और अराजकता को युवा शक्ति ही रोक सकती है।

स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह का देश-विदेश में होगा भव्य आयोजन - महाराष्ट्र

- देशभर में शोभायात्रा
- विदेशों में भी उपक्रम
- 4 करोड़ घरों में सम्पर्क का महाभियान
- 150 पुस्तकों का प्रकाशन
- 3 हजार गांवों में सामूहिक सूर्यनमस्कार
- देशभर में भारत जागो दौड़

महाराष्ट्र समिति के अध्यक्ष श्री शिवशंकरभाऊ पाटिल का पत्रपरिषद में प्रतिपादन ।
शेगांव । स्वामी विवेकानन्दजी की 150 वीं जयंती आगामी 12 जनवरी, 2013 से 12 जनवरी, 2014 तक वर्षभर स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति के माध्यम से मनाया जाएगा । स्वामीजी शक्तिदायी संदेशों को इस निमित्त अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य समिति ने रखा है ।

‘भारत जागो - विश्व जगाओ' इस संकल्पना पर आधारित अनेक कार्यक्रम तथा उपक्रमों का वर्षभर आयोजन किया जाएगा ।

स्वामी विवेकानन्दजी की यह जयंती केवल भारत के साथ ही विश्वभर मनाया जा रहा है । इसी पाश्र्वभूमि पर स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति की स्थापना की अधिकृत घोषणा करते हुए हमें आनंद हो रहा है । देश के सभी राज्यों में इस समिति के अंतर्गत प्रान्त समितियों का गठन किया गया है । सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, आध्यात्मिक गुरु, स्वामी विवेकानन्द के विचारों को प्रसारित करनेवाले तथा देश के अनेक संस्था एवं समिति में सम्मिलित हो रहे हैं ।

वंदनीय माता अमृतानन्दमयी ने इस समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी सहमति देकर इस पद को विभूषित किया है । साथ ही भूतपूर्व संसद सचिव डॉ. सुभाष कश्यप इस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे ।

स्वामीजी की यह 150वीं जयंती स्वयं की शक्ति को पहचानकर अपने दायित्व के प्रति जागृत होकर संसार को तेजोमय बनाने का स्वर्णिम अवसर लेकर आ रहा है, ऐसा हम समझते हैं । सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समाज के सभी अंगों के सहभाग को सुनिश्चित करने के लिए देशभर में विविध कार्यक्रमों पंचमुखी कार्यक्रमों की योजना बनाई है । वे इस प्रकार हैं-

आयाम :

1. युवा शक्ति आयाम - युवाओं के लिए आयाम विशाल युवा शक्ति (मुख्यत: 40 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी एवं अविद्यार्थी युवाओं पर केंद्रित) को जाग्रत कर सही दिशा देने के लिए सेवा, स्वाध्याय, सुरक्षा और स्वावलंबन । इस दिशा में युवा शक्ति को जागृत करनेवाले युवा सम्मेलन तथा युवा केन्द्रीत कार्यक्रमों का आयोजन

2. संवर्धिनी आयाम - महिलाओं के लिए आयाम राष्ट्रीय जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्त्री क्षमता के संवर्धन और सम्मान के लिए शक्ति, संस्कार, स्वाध्याय और सेवा ।

3. ग्रामायण आयाम - ग्रामीणों के लिए आयाम देश के विकास में ग्रामीणों के योगदान का सम्मान और उनके सम्पूर्ण विकास में सहयोग करने के लिए विकास, समरसता, सत्संग और सेवा ।

4. अस्मिता आयाम - जनजाति वर्ग (पर्वतीय एवं वनवासी क्षेत्र के लोगों के लिए आयाम) भारत की सभी जनजातियों की लोक आस्था और संस्कृति के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन, उन्नति और अनुपालन के लिए सेवा, संस्कार, समरसता और सजगता ।

5. प्रबुद्ध भारत आयाम - सामाजिक एवं वैचारिक प्रबुद्ध वर्ग के लिए आयाम । राष्ट्र निर्माण में संभ्रान्त और विद्वतजनों की संयुक्त एवं नियोजित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामर्थ्य, संकल्प, शुचिता और विश्वास ।

इन सभी आयामों की दृष्टि से विविध व्याख्यान, परिसंवाद, सेमिनार आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ।

बृहद् कार्यक्रम

1) 12 जनवरी, 2013 स्वामी विवेकानन्द जयन्ती के अवसर पर समिति द्वारा देश के सभी प्रमुख शहरों तथा गांवों में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी ।

2) 18 फरवरी, 2013 को देशभर विद्यालयीन तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक सूर्यनमस्कार किया जाएगा । इस आयोजन में 3000 से अधिक ग्राम सम्मिलित होंगे । महाराष्ट्र के 500 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्यनमस्कार सम्पन्न होंगे ।

3) 11 सितम्बर, 2013 को स्वामी विवेकानन्दजी के शिकागो में दिए गए विश्व धर्म सम्मेलन में भाषण की स्मृति में भारत के युवाओं द्वारा ‘भारत जागो दौड़' का बृहद कार्यक्रम देशभर सम्पन्न होगा ।

साहित्यसेवा द्वारा प्रसार
स्वामीजी के प्रेरक जीवनी तथा विचारों पर आधारित 150 साहित्यों का प्रकाशन कर न्युनतम दर में उपलब्ध कराके जन सामान्य तथा बुद्धिजीवियों तक इसे समिति द्वारा पहुंचाया जाएगा ।
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विदेशों में भी विवेकानन्द
11 सितम्बर, 2013 को स्वामीजी के ऐतिहासिक व्याख्यान का स्थान ‘शिकागो' में शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है । संसार के 30 से 35 देशों में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ।
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इन सभी प्रकार के उपक्रमों तथा कार्यक्रमों का आयोजन महाराष्ट्र में बहुत ही भव्यता से किया जाएगा । महाराष्ट्र प्रान्त समिति के अध्यक्ष श्री शिवशंकरभाऊ पाटिल तथा प्रान्त समिति के सचिव श्री सुधीर जोगलेकर ने इस महान अवसर पर देशवासियों को भारी संख्या में गहन आत्मियता से स्वामीजी के सार्ध शती में सहभागी होने का आह्वान किया है । उसी प्रकार उन्होंने मीडिया को स्वामी विवेकानन्दजी के संदेशों को वर्षभर अपने समाचार पत्र-पत्रिकाओं तथा चैनलों के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाने का आह्वान किया है ।
Ref Link :
http://bit.ly/TTwUgb
http://www.newsbharati.com/Encyc/2012/11/26/State-wide-celebrations-of-Swami-Vivekanand-s-150th-birth-anniversary.aspx