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Tuesday, September 17, 2013

'भारत जागो दौड़' ने दिलाई विवेकानंद की याद

अजमेर। विवेकानंद सार्धशती समारोह समिति की ओर से भारत जागो दौड़ में भाग लेने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े। पटेल मैदान से शुरू हुई दौड़ के दौरान वंदे मातरम् का उद्घोष लगातार गूंजता रहा। दौड़ में भाग लेने वाले धावकों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत हुआ। दौड़ का एक सिरा आगरा गेट पर था तो दूसरा पटेल मैदान में।

कॉलेज, स्कूल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने दौड़ में भाग लिया। शाम 4 बजे से ही लोग पटेल मैदान पहुंचना शुरू हो गए। दौड़ पटेल मैदान से शुरू होकर अग्रसेन सर्किल, आगरा गेट, नगर निगम, गांधी भवन चौराहा, कचहरी रोड, स्वामी कॉम्पलेक्स चौराहा होते हुए वापस पटेल मैदान पहुंची। राष्ट्रीय कैडेट कौर नेवल विंग के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन संजीव कपूर ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की।
दौड़ में बच्चे, युवा, बुजुर्ग शामिल हुए। सभी उत्साह से लबरेज थे। सार्धशती समारोह समिति के पदाधिकारियों द्वारा दौड़ पूरी कर पटेल मैदान वापस लौटे युवाओं का स्वागत किया गया। धावकों को दूध पिलाया गया और प्रमाण-पत्र दिया गया। इस अवसर पर सुनील दत्त जैन, सुरेश साहू, सुशील विस्सू,  लक्ष्मण पंजाबी, सुनील खंडेलवाल, निरंजन, एसके अरोड़ा, धर्मेंद्र गहलोत, सतीश बंसल, कंवल प्रकाश किशनानी, कुसुम गौतम, श्वेता, ललित कुमार शर्मा, अमर सिंह, उम्मेद सिंह तोमर, देवेंद्र पंवार, गोप मीरानी, लव गोयल, दिनेश रांका, सोमरत्न आर्य, महेंद्र तीर्थानी, दिनेश अग्रवाल, शरद गोयल, श्री किशन सोनगरा, विधायक वासुदेव देवनानी, शिवशंकर हेड़ा, पार्षद नीरज जैन, भारती श्रीवास्तव सहित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई पदाधिकारी, भाजपा नेता विभिन्न कॉलेजों के व्याख्याता और शिक्षक मौजूद थे।

शिकागो भाषण की याद में
सार्ध समारोह समिति के संयोजक उमरदान लखावत ने बताया कि 11 सितंबर 1893 को शिकागो में दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की याद में 'भारत जागो दौड़' आयोजित की गई। दौड़ का उद्देश्य लोगों को देश के प्रति प्रेम और भाईचारा का संदेश देना था। समिति वर्ष भर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करेगा।

पुष्प वर्षा से स्वागत
अग्रसेन चौराहा, आगरा गेट और गांधी भवन चौराहे पर बैंड की स्वर लहरियों से धावकों का स्वागत किया गया। इनके अलावा 13 स्थानों पर पुष्प वर्षा से स्वागत हुआ। दौड़ के दौरान विभिन्न संगठनों ने व्यवस्थाएं संभाल रखी थी। तीन एबुलेंस का इंतजाम भी किया गया था। कई स्वयंसेवक दुपहिया वाहनों पर सवार होकर व्यवस्थाएं बना रहे थे।

Monday, April 8, 2013

ॐ सूर्याय नम: के उद्गोष से गूंज उठा जोधपुर



 
जोधपुर 18 फ़रवरी 2013

स्वामी विवेकानंद  सार्ध शती समारोह के अंतर्गत वर्ष पर्यन्त चलने वाले कार्यक्रम के तहत आज  पुरे देश में एक साथ एक समय सूर्यनमस्कार महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल मान्धाता सिंह थे तथा  मुख्य वक्त राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख राम माधव जी थे। कार्यक्रम में प्रान्त प्रचारक मुरलीधर जीए विभाग प्रचारक चन्द्रसेखर जीए महानगर प्रचारक डा धर्मेन्द्र जी उपस्थित थे।
सवेरे से ही जोधपुर के हर रास्ते  से विद्यार्थियों की टोलिया न्यू पोलो ग्राउंड की और जा रही थी। सुबह 8.00 बजे से ही न्यू पोलो ग्राउण्ड जाने वाली सड़क पर विद्यार्थियों से भरी बसों की लाइन लगी रही। सारा शहर ही विवेकानन्द का संदेष की “हम गीता के ज्ञान को तभी समझ सकते है जब हम फुटबाॅल के मैदान में अपनी मांसपेषियँा मजबुत करेंगे“ को चरितार्थ करने लगा है।
जोधपुर महानगर के लगभग 148 विद्यालयों व 2 महाविद्यालयों के 23466 छात्र-छात्राओं ने एक साथ सूर्यनमस्कार करके मरूधरा की धरती पर एक नया इतिहास रच दिया। 17245 छात्र व 6221 छात्राओं के साथ पूरे शहर के करीब 1055 गणमान्य लोग भी ऐसे अद्भूत दृष्य को देखने के लिए उपस्थित थे।
सप्ताह पूर्व कार्यकर्ताओं ने योजना बनाकर शहर की अलग-अलग स्कूलों में सम्पर्क कर सूर्यनमस्कार का प्रशिक्षण विद्यार्थी को दिया। पूरे मैदान को 100 ब्लाॅक में बाटा गया विवेकानन्द की 150वीं जयन्ति आयोजित इस सूर्यनमस्कार में इतने बड़ी संख्या में छात्र शक्ति ने भाग लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।


इस कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत माँ भारती व युवाओं के प्रेरणास्रोत विवेकानन्द के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन कर हुई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति, जोधपुर महानगर संयोजक डाॅ. कैलाश डागा मंचस्थ से अतिथियों का परिचय करवाया।
समिति के विभाग प्रभारी श्री चन्द्रषेखर जी ने कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डालते हूए कहा कि जब हमारा शरीर मजबुत होगा तो मन मजबूत होगा और जब दोनों मजबूत होंगे तो ही भारत माँ की सेवा की जा सकती है। उन्होने सूर्यनमस्कार के महत्व को समझाते हूए विद्यार्थीयों से रोजाना सूर्यनमस्कार करने का आग्रह किया। उन्होने छात्र शक्ति को समाज हित में कुछ करने हेतु प्रेरित करते हूए कहा कि हमारे चुपचाप बैठने से कुछ नहीं होगा।
उसके बाद श्री शंम्भू सिंह के निदेशन में विद्यार्थीयों ने ड्रम की आवाज व मंत्रों के उच्चारण के साथ सूर्यनमस्कार के सात चक्र पूरे किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड ले. जनरल मान्धाता सिंह ने छात्र शक्ति को अनुशासन में रहकर देश सेवा करने पर जोर दिया। एक कहानी के माध्यम से उन्होने बताया की देश भक्ति की भावना एक निरक्षर बालक के मन में भी जाग सकती है क्योंकि देश भक्ति सभी बातों से बढ़ सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मा. राममाधव जी थे जो कि रा.स्व.संघ के अखिल भारतीय सह सम्पर्क प्रमुख है। उन्होनंे बहुत ही सरल शब्दों में छात्र-छात्राओं को व्यवहार रूप में कैसा होना चाहिए इस पर प्रकाश डाला उन्होने कहा कि बालकों को साउण्ड माईन्ड के साथ-साथ साउण्ड बाॅडी की भी उतनी ही आवश्यकता है। एक अच्छा विद्यार्थी वह नहीं है जो चुपचाप स्कूल आता व जाता है अपितु एक अच्छा विद्यार्थी वह है जो स्कूल जाते समय किसी असहाय की मदद भी करता है, जो अपने मन में सामाजिक संवेदना भी रखता है। उन्होंने चुटकी लेकर कहा कि हमें साउण्ड (स्वस्थ) बाॅडी चाहिए, राउण्ड अर्थात गोल-गोल शरीर नहीं। श्री राममाधव जी ने शिक्षित व्यक्तियों को अपने कर्तव्य का एहसास कराते हुए कहा कि वह प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति कृतघ्न है जब तक लाखों लोग भूखे और अज्ञानी है। क्यांेेिक हम उनके बल पर ही शिक्षित हुए हैं और अब हम उनकी और ध्यान नहीं देते है।


कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक श्री देवेन्द्र जी जोशी ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री घनश्याम जी ओझा व महानगर युवा शक्ति आयाम प्रमुख श्री सुभाश गहलोत भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान मंचसीन अतिथियों में श्री हनुमान सिंह जी द्वारा लिखित “राजस्थान में विवेकानन्द“ नामक पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में स्वामी जी के राजस्थान से जुड़े संस्मरण लिखे हुए है।

Friday, April 5, 2013

सूर्य नमस्कार के पोस्टर का विमोचन

2 Feb, चित्तौडग़ढ़। स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती (१५० वां जयंती वर्ष) के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानन्द सार्धशती आयोजन समिति के तत्वावधान में १८ फरवरी को प्रात: ११ बजे 'विराट सूर्य नमस्कार महायज्ञÓ का आयोजन किया जा रहा है। सूर्य नमस्कार का यह कार्यक्रम बहिनों व मातृशक्ति के लिए गोरा-बादल स्टेडियम एवं छात्रों व युवाओं के लिए इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित होगा। कक्षा ६ से उपर के सभी छात्र-छात्राएं, महाविद्यालयीन विद्यार्थी एवं सभी युवा व्यवसायी, कर्मचारी एवं मातृशक्ति इस कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे। इसी क्रम में सूर्य नमस्कार महायज्ञ के पोस्टर क ा विमोचन जिला शिक्षा अधिकारी (मा.) जगदीश खण्डेलवाल एवं जि.शि.अ. (प्रा.) सुशील कुमार आसोपा द्वारा किया गया।

Wednesday, April 3, 2013

हुआ चमत्कार हजारो युवाओ ने किया सूर्यनमस्कार

 



19 Feb, उदयपुर |समिति के तत्वाधान मे १० से अधिक स्थानो पर भव्य व अनुठे समागम के साथ विभिन्न विद्यालय व महाविद्यालय के छात्र छात्राओ व सामाजिक संगठनो ने सर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया ।
सामूहिक सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन छात्रो का गांधी ग्राउण्ड व छात्राओ ने वद्या निकेतन सेंक्टर ४ व राजस्थान महिला  विद्यालय मे आयोजित किया गया। इसी श्रृखंला मे पेसिफिक विश्वविद्यालय, भूपालनोबल्स संस्थान ने भी अपने- अपने परिसर मे सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया ।
स्वामी विवेकानन्द के विचारो को सार्थक बनाने हेतु देशभर मे सूर्यनमस्कार महायज्ञ का आयोजन किया गया, सूर्यनमस्कार से युवाओ मे आयु , बुद्धि, बल ,वीरव्रत आदि्र गुणो का संचय होता है । देश को ऐसे ही युवा शक्ति कि आवश्यकता है।  यह विचार विभिन्न आयोजित कार्यक्रमों मे बोलते हए वक्ताओं के उद्गार प्रकट किये।
 सभी स्थानों पर कार्यक्रमों का क्रम इस प्रकार रहा। विवेकानन्द व भारतमाता के चित्रो पर पुष्पांजली , दीप प्रज्ज्वल व ध्वजारोपण के बाद मुख्य वक्ता का उद्बोधन,  सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन, अध्यक्षीय आर्शीवचन, ध्वजावतरण, आभार प्रकटीकरण, प्रसाद वितरण व शान्ति मन्त्र के साथ कार्यक्रम का समारोप हुआ।
गांधी ग्राउण्ड मे मुख्य वक्ता के रूप मे डा. भगवती प्रकाश जी शर्मा ने कहा कि सूर्यनमस्कार से हमारे भीतरी व बाहरी व्यक्तित्व के साथ - साथ शारीरिक विकास होता हैं क्योकिं इसकी विभिन्न मुद्राओ में भिन्न-भिन्न प्रकार के सात आसन होते हैं। उन्होने स्वामी जी के विचार को दोहराते हुए बताया कि अगर भारत के युवा को शक्तिशाली व पोरूषयुक्त बनना है तो अपने जीवन में सूर्यनमस्कार को अनिवार्य करना होगा। आज विष्व ने भारत के इस आसन के महत्व को समझा व अपनाया हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में पुर्व आई. जी. श्री एस. पी. खडकावत जी ने हजारों कि संख्या मे विद्यार्थीयो के एक साथ, एक लय में सूर्यनमस्कार करते हुए दृश्य को देख अभीभूत होकर कहा कि ’’हमारा देश विश्वगुरू था है और रहेगा। ’’
भूपालनोबल्स मे मुख्य वक्ता श्री गोविन्द सिंह जी टाक व पेसिफिक मे मुख्य वक्ता श्री देवेंद्र जी अग्रवाल , विद्यानिकेतन से . ४ मे मुख्य वक्ता श्री भगवान सहाय जी रहे। गांधी ग्राउण्ड मे आयोजित केंद्रीय कार्यक्रम का संचालन सार्द्धशती के सहसंयोजक जितेश श्रीमाली ने किया। सामूहिक गीत डा. कौशल शर्मा द्वारा करवाया गया। सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन भारत भूषण ने कराया। विवेकानन्द सार्द्धशती के संयोजक कपिल चित्तौडा ने कार्यक्रम के अन्त मे आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पेसिफिक, आलोक, भूपालनोबल्स, आकाशदीप गुरू गोविन्द सिंह, सरस्वती निकेतन, फतह स्कूल, अभिनव रेजीडेन्सी, शिशु भारती, शिक्षा निकेतन, गुरू नानक, आदिनाथ, महावीर, राजकिय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयो, ैमब.४, हेप्पीहोम, टैलेन्ट, जयदीप, एवन, राष्ट्रभारती, नवदीप, श्रीराम, अंकित, श्रीनाथ, वर्द्वमान, सोफिया, नवदीप, रविन्द्र, नवीन बाल सदन, ज्ञान भारती, व कई राजकीय विद्यालय,सरस्वती,श्रीनाथ, अरावली,बालाजी, कल्पतरू, सनराइज, इन्दीरा नर्सिंग, आदि विद्यालय महाविद्यालयों का सहभाग रहा। सभी स्थानो पर प्रसाद वितरण किया गया।
स्वामी विवेकानन्द जी के सार्द्धशती के आगामी कार्यक्रम मे समरसता यात्रा, प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन, युवा सम्मेलन भारत जागो दौड आदि कई कार्यक्रमो का संचालन होने वाला है। यह जानकारी उपलब्ध कराई गई।

ref : http://www.pressnote.in/udaipur-news_194211.html#.USXEkme0uxs

Thursday, March 14, 2013

Suryanamaskar Mega Event at Rajasthan


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सैकडो विद्यालयो के हजारो विद्यार्थियो ने किया सामूहिक सूर्यनमस्कार




जयपुर 18 फरवरी। पहला सुख निरोगी काया! मनुष्य आदिम सभ्यता के युग में रोगो से मुक्त स्वस्थ जीवन पाने के लिये संघर्ष कर रहा है। वर्तमान में भारतीय योग विज्ञान को विश्व ने मान्यता प्रदान की है और करोडो लोगों ने इसको अपना कर लाभ उठाया है। योग विज्ञान में सूर्यनमस्कार का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है, ‘सूर्यनमस्कार आसनो का राजा है‘, जिसमें सात आसनो का समावेष है। योग के सम्पूर्ण निचोड के रूप में सहज सुलभ सूर्यनमस्कार की पद्धति आज विश्व भर में लोकप्रिय हो रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्रीडा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन चैहान ने युवाओ सम्बोधित करते हुए कहा की स्वामी विवेकानन्द ने भी युवाओ को योग, व्यायाम एवं खेलो के माध्यम से शरीर को बलिष्ठ करने का आहवान् किया था। वो कहा करते थे आध्यात्म सिखने से पूर्व स्वस्थ मन का होना जरूरी है। स्वस्थ मन स्वस्थ शरीर में रहता है, स्वस्थ शरीर खेल के मैदान से प्राप्त होता है।

स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह समिति राजस्थान के माननीय अध्यक्ष मीठालाल मेहता (पूर्व मुख्य सचिव, राज0) ने कहा की स्वामी विवेकानन्द के सार्धशती वर्ष में सम्पूर्ण देश में आज इस प्रकार के सामूहिक सूर्यनमस्कार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। उन्होने कहा की विवेकानन्द ने स्वस्थ शरीर के लिए योग का आग्रह करते थे। इस से प्रेरित होकर ही सार्धशती समारोह समिति ने पूरे देश में सामूहिक सूर्यनमस्कार कार्यक्रमों को सम्पन्न करवाया।

चैगान स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम
क्रीडा भारती एवं स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह समिति द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन जयपुर के चैगान स्टेडियम में सम्पन्न हुआ। जिसमें सैकडो विद्यालयों के हजारो विद्यार्थियो ने सामूहिक सूर्यनमस्कार किये।



दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम प्रारम्भ
सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का प्रारम्भ भारत माता व स्वामी विवेकानन्द के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलन से हुआ तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

पुस्तक का विमोचन
सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के भव्य आयोजन में  हनुमान सिंह राठौड द्वारा लिखित पुस्तक ’विवेकानन्द राजस्थान मे’ का भी विमोचन किया गया।

क्रीडा भारती द्वारा प्रमाण पत्र
क्रीडा भारती द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का प्रमाण पत्र तथा विद्यालय को स्मृति चिन्ह् प्रदान किये गये। कार्यक्रम के अन्त में विद्यार्थियो को अल्पाहार करवाया।


विभिन्न संस्थाओ का सहयोग
सामूहिक सूर्य नमस्कार के इस कार्यक्रम में अनेक योग संस्थाओ का सहयोग एवं सहभाग मिलेगा जिनमें गुरूकुल योग संस्थान, स्वास्थ्य योग परिषद ट्रस्ट, पातंजलि योग पीठ, सजल प्रखर योग संस्थान सहित अनेक संस्थाओ विद्यालयो, महाविद्यालयो व योग केन्द्रो का सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में उपस्थित
जयपुर में सम्पन्न सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में क्रीडा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन चैहान, मीठालाल मेहता (पूर्व मुख्य सचिव, राज0) स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह समिति राजस्थान के माननीय अध्यक्ष व कर्नल धनेष चन्द्र गोयल (पूर्व सेनाधिकारी) सहित समिति के क्षेत्रिय व प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।

Wednesday, March 13, 2013

आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ


आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस अवसर पर शहर में चार स्थानों से शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्राएं स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित थी। इस दौरान पूरा शहर विवेकानंदमय हो गया।

स्वामी विवेकानंद सार्ध शताब्दी के तत्वावधान में चार स्थानों से निकाली गई शोभायात्रा में शहर उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित 29 झांकियां शामिल थीं। यात्रा में  काली माता के अखाड़े भी निकाले गए। इसमें युवाओं ने करतब बाजी दिखाई। इसके अलावा बैंड तथा ढोल के संगीत पर युवाओं की झूमती नाचती मंडलियां और समूह चल रहे थे। शोभायात्रा में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल थे। पहली शोभा यात्रा राजा साइकिल चौराहे से प्रारंभ होकर मार्टिंडल ब्रिज  पहुंची। दूसरी शोभा यात्रा जीसीए से शुरू होकर महावीर मार्ग केसरगंज पहुंची। ये दोनों शोभा यात्राएं केसरगंज तिराहे पर मिलने के बाद गांधी भवन चौराहा पहुंची। तीसरी यात्रा जवाहर रंगमंच से सुभाष उद्यान पहुंची। चौथी यात्रा सुभाष उद्यान से गांधी भवन चौराहा पहुंची। ये चारों यात्राएं गांधी भवन चौराहे से रामकृष्ण परमहंस स्मारक पहुंची। रामकृष्ण स्मारक पर हजारों लोगों ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

समारोह में सार्ध शताब्दी समिति सदस्य उमरदान लखावत, रामचरण बंसल, आरएसएस के सुनील दत्त जैन, मोहन खंडेलवाल, निरंजन शर्मा, श्याम शर्मा, सुभाष गहलोत, विवेकानंद केंद्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता श्वेता, देवेंद्र पंवार, कुसुम गौतम, विधायक वासुदेव देवनानी, कंवल प्रकाश, पार्षद भारती श्रीवास्तव, जेके शर्मा, सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

देशभक्तिगीतों की प्रस्तुति : रामकृष्ण परमहंस स्मारक पर सांस्कृतिक संस्था सप्तक के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। समारोह में विवेक पारीक ने 'भुवन मंडले, नव युग मुदयतु, सद्दाम ने 'ऐ मेरे प्यारे वतन के लोगों, संतोष टेवाणी ने 'हमको अपनी भारत की माटी से, मुकुल नायक ने 'मेरे देश की अजब कहानी, अंशिता शर्मा ने 'जो समर में हो गए अमर, सीमा शर्मा, श्वेता चौरासिया, अक्षत जैमन और साथियों ने 'ये है नया हिंदुस्तान और साक्षी शर्मा ने 'वंदेमातरम गीत की प्रस्तुति दी। गोप मीरानी ने हवाइन गिटार पर आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं और बीएन माथुर ने वतन की राह में गीत पेश किया। उनके साथ तबले पर नरेंद्र जैन, ढोलक पर ललित कुमार शर्मा, बांगो पर सैयद सादिक अली, हारमोनियम पर मुकुल नायक ने संगत दी। मंच संचालन सरोज लखावत ने किया।

शोभायात्रा में विभिन्न संगठनों ने दिया सहयोग : समारोह में विवेकानंद केन्द्र, वीएचपी, भारत विकास परिषद, विद्या भारती, सहकार भारती, एबीवीपी, भारतीय सिंधु सभा, सेवा भारती, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय, पतंजलि योग समिति, जीनगर समाज, सप्तक, संस्कार भारती,  बाल संस्कार केंद्र, आदर्श विद्या निकेतन, शिवम स्कूल, ब्लॉसम स्कूल, अविनाश माहेश्वरी, इंजीनियरिंग कॉलेज,  डीएवी$, विरजानंद, हरिसुंदर सुंदर बालिका, डीबीएन, आर्य पुत्री सहित अन्य शामिल थे।

अजमेर
आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस अवसर पर शहर में चार स्थानों से शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्राएं स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित थी। इस दौरान पूरा शहर विवेकानंदमय हो गया।

स्वामी विवेकानंद सार्ध शताब्दी के तत्वावधान में चार स्थानों से निकाली गई शोभायात्रा में शहर उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित 29 झांकियां शामिल थीं। यात्रा में  काली माता के अखाड़े भी निकाले गए। इसमें युवाओं ने करतब बाजी दिखाई। इसके अलावा बैंड तथा ढोल के संगीत पर युवाओं की झूमती नाचती मंडलियां और समूह चल रहे थे। शोभायात्रा में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल थे। पहली शोभा यात्रा राजा साइकिल चौराहे से प्रारंभ होकर मार्टिंडल ब्रिज  पहुंची। दूसरी शोभा यात्रा जीसीए से शुरू होकर महावीर मार्ग केसरगंज पहुंची। ये दोनों शोभा यात्राएं केसरगंज तिराहे पर मिलने के बाद गांधी भवन चौराहा पहुंची। तीसरी यात्रा जवाहर रंगमंच से सुभाष उद्यान पहुंची। चौथी यात्रा सुभाष उद्यान से गांधी भवन चौराहा पहुंची। ये चारों यात्राएं गांधी भवन चौराहे से रामकृष्ण परमहंस स्मारक पहुंची। रामकृष्ण स्मारक पर हजारों लोगों ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

शोभायात्रा में विभिन्न संगठनों ने दिया सहयोग : समारोह में विवेकानंद केन्द्र, वीएचपी, भारत विकास परिषद, विद्या भारती, सहकार भारती, एबीवीपी, भारतीय सिंधु सभा, सेवा भारती, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय, पतंजलि योग समिति, जीनगर समाज, सप्तक, संस्कार भारती,  बाल संस्कार केंद्र,ं आदर्श विद्या निकेतन, शिवम स्कूल, ब्लॉसम स्कूल, अविनाश माहेश्वरी, इंजीनियरिंग कॉलेज,  डीएवी$, विरजानंद, हरिसुंदर सुंदर बालिका, डीबीएन, आर्य पुत्री सहित अन्य शामिल थे।

झांकियों के साथ निकली विशाल शोभायात्रा


चित्तौडग़ढ़। स्वामी विवेकानन्द की १५० वीं जयंती के उपलक्ष में सार्ध शती समारोह आयोजन समिति के तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा निकाली गई।

स्वामी विवेकानंद की १५०वीं जयन्ती के उपलक्ष में यह शोभायात्रा नगर पालिका कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर से प्रारंभ हो कर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई सुभाष चौक पहुंच सम्पन्न हो गई। शोभायात्रा का बीच मार्ग में जगह-जगह फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया।

बैण्ड-बाजों के साथ आयोजित इस विशाल शोभायात्रा में विभिन्न शिक्षण  संस्थाओं के छात्र-छात्राओं के साथ ही भाजपा युवा मोर्चा विद्यार्थी परिषद एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल थे। शोभायात्रा में शामिल कई झांकियां आकर्षण को केन्द्र बनी रही।
शोभायात्रा के आगे कई महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थी। शोभायात्रा में शामिल छात्र-छात्राओं एवं अन्य गगनभेदी नारे लगाते हुए चल रहे थे।

जयंती पर याद किए गए स्वामी विवेकानंद


Mon, 14 Jan 2013 01:08 AM :

जयंती पर याद किए गए स्वामी विवेकानंद
बक्सर, जागरण प्रतिनिधि : राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में युगपुरुष स्वामी विवेकानंद जी की मनाई जाने वाली जयंती शनिवार को जिले भर में समारोह पूर्वक मनाई गई। विभिन्न संगठनों द्वार भिन्न-भिन्न जगहों पर आयोजित समारोह में युवा आइकन स्वामीजी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाले गए तथा उनके पद चिन्हों पर चलते हुए उनके सपनों को साकार करने के संकल्प व्यक्त किए गए।

निकाली शोभायात्रा
इस उपलक्ष्य में 'स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति' के बैनर तले सरस्वती शिशु/ विद्या मंदिर के बच्चों द्वारा शोभा यात्रा निकाली गई। जो शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए किला मैदान पहुंची। जहां रामलीला मंच पर आयोजित कार्यक्रम में स्वामीजी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया तथा विवेकानंदजी के रूप में भगवाधारी बच्चों का पूजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के जिला संयोजक चन्द्रभूषण ओझा व धन्यवाद ज्ञापन के साथ नगर संघ चालक अतुल मोहन ने समापन की। इस मौके पर माधुरी कुंवर, रामजी सिंह, विश्वनाथ राम, दिलीप वर्मा, नंदजी वर्मा, संजय ओझा, नागेन्द्र प्रसाद, शिवजी खेमका व विनोद उपाध्याय आदि मौजूद थे।

युवाओं के योगदान पर परिचर्चा
नेहरू युवा केन्द्र व स्व. दिवान सिंह स्मृति विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में नगर के सिंडिकेट स्थित एक होटल कैंपस में जयंती मनाई गई। जिसमें 'राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान' विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन कर स्वामीजी के विचारों को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता जताई गई। समारोह का उद्घाटन जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अमिताभ अमित ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डा.दीपक राय ने देश के नवनिर्माण में युवाओं की भूमिका व स्वामीजी के योगदान का उल्लेख किया। मंच संचालन शुभनारायण पाठक ने किया। समारोह में उदय कुमार उज्जैन, अमृत कुमार दूबे, अंकिता राय, जूही सिंह, सलोनी कुमारी, ज्योति मिश्र, महेश सिंह, राजू कुमार, दीपू कुमार व शत्रुघ्न चौरसिया आदि उपस्थित थे।

व्यसन मुक्त युवा-सुशिक्षित युवा का संकल्प
गायत्री नगर स्थित आवासीय सैनिक स्कूल में स्वामीजी की जयंती 'युवा चेतना दिवस' के रूप में मनी। इसका शुभारंभ 'तरुणाई को जमाना आवाज दे रहा है.' गीत से हुई। तत्पश्चात स्वामीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर व्यसन मुक्त युवा व सुशिक्षित युवा का संदेश दिया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक रामानंद तिवारी ने की।

सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने किया याद
नगर के मालवीय नगर में युवा संपूर्ण क्रांति के तत्वाधान में युवा दिवस मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता सोनू सिंह व संचालन बाल भगवान सिंह ने किया। इस मौके पर श्यामजी चौरसिया, चंद्रकांत निराला, विनोद चौहान, दरशथ अनोखा व नारायण सिंह यादव मौजूद थे। अंबेदकर चौक के समीप कांग्रेस द्वारा आयोजित युवा दिवस समारोह की अध्यक्षता कामेश्वर पांडेय व संचालन बजरंगी मिश्र ने किया। जिसमें पूर्व विधायक श्रीकांत पाठक, टी.एन.चौबे, राम प्रसन्न द्विवेदी, मुन्ना तिवारी, राजर्षि राय, डा.उमा पांडेय, भोला जायसवाल, संजय पांडेय, राम जतन सिंह यादव, जावेल अली, सीताराम सिंह कुशवाहा, लक्ष्मण शर्मा व राहुल चौबे शामिल थे।

प्रभात फेरी निकाल दिया स्वामीजी के विचारों का संदेश
डुमरांव (बक्सर), निज प्रतिनिधि : शहर में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती शनिवार को विभिन्न संगठनों द्वारा समारोह पूर्वक मनाई गई। भारतीय जनता पार्टी की नगर इकाई द्वारा शहर में प्रभात फेरी निकालकर स्वामीजी के सपनों का भारत गढ़ने का संदेश दिया गया। जिसमें भाजपा व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के अलाव सरस्वती शिशु मंदिर व ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल के बच्चे शामिल थे। राजगढ़ से निकली प्रभात फेरी विभिन्न सड़कों से होकर दोबारा राजगढ़ पहुंची। जिसके बाद भाजपा नगर अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह का शुभारंभ विवेकानंदजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। संचालन की जिम्मेदारी संतोष दूबे ने संभाली। समारोह को रामेश्वर नाथ तिवारी, राधा मोहन सिंह, रामजी सिंह, मारकंडेय पाठक, नथुनी प्रसाद, नरेन्द्र मिश्र, राजकुमार खरवार, दयाशंकर प्रसाद, डा.रमाशंकर सिंह, सुनिल सिद्धार्थ व गोपालजी सिंह ने संबोधित किया। वहीं स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह के बैनर तले स्वामीजी के चित्र के साथ राजगढ़ से शोभायात्रा निकाली गई। सभा को समिति के संयोजक बलराम पांडेय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सच्चिदानंद भगत, राजू जायसवाल, अमरेन्द्र पांडेय, पवन जायसवाल, शौकत अली, डा.रमाशंकर सिंह व सुरेन्द्र वर्मा ने संबोधित किया।

डुमरांव से संवाद सूत्र के अनुसार
सुमित्रा महाविद्यालय के एनएसएस इकाई द्वारा स्वामी जी की जयंती युवा दिवस के रुप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. फखरुद्दीन खां ने की। कार्यक्रम को महाविद्यालय के प्रो. सुरेशचंद्र त्रिपाठी, एनएसएस के संयोजक शैलेन्द्र कुमार, प्रो.अंबिश सिंह व प्रो. मिथिलेश सिंह आदि ने संबोधित किया।

व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला
सिमरी से एक प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के आशापड़री चौक स्थित सामुदायिक भवन में स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शो को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामउदार दूबे ने किया। कार्यक्रम में भाजपा नेता शेषनाथ पाठक के अलावा कपिलदेव राय, अनु तिवारी, राजाराम पांडेय, गोपालजी दूबे, श्रीमन राय, संतोष राय, नागेन्द्र यादव, कन्हैया तिवारी, अनिल शर्मा, सुबेदार ठाकुर व संजय राय ने अपने विचार व्यक्त किए।

Monday, February 18, 2013

समर्थ भारत प्रतियोगिता

 रामसीन आदर्श विद्या मंदिर में गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ब्लॉक जसवंतपुरा के तत्वावधान में विवेकानंद के १५०वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में समर्थ भारत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। परीक्षा संयोजक किशोर रामावत ने बताया कि जिला अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह कि देखरेख में आयोजित परीक्षा में कुल १०० छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को समाजसेवी रूपाराम सुथार की ओर से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संस्था प्रधान अनिल व्यास, देवाराम, हिम्मत प्रजापत तथा सुमेरसिंह मौजूद थे।

रानीवाड़ा शिक्षक संघ  के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित समर्थ भारत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 52 छात्र-छात्राओं को नामांकित किया गया, जिसमें से 49 छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस अवसर पर दीपसिंह देवल, हनुमान चौधरी, महेंद्र त्रिवेदी, विक्रम सिंह, विष्णुदान, मोहब्बतसिंह, अशोक सोलंकी, गणपत विश्नोई तथा विनयसिंह व आदर्श विद्या मंदिर के कर्मचारी उपस्थित थे।





Ref : http://www.vivekananda150jayanti.org/report/2013/february/01/samarth-bharat-pratiyogita

युवाओ ने जागाया 'विवेक' का 'आनंद'

राजस्थान ने मानाया संकल्पदिन

विवेकानंद का संदेश लेकर घर घर पुँहचे युवा

Saturday, December 29, 2012

विवेकानंद सार्ध शती समारोह १२ जनवरी से - राजस्थान

सिटी रिपोर्टर, स्वामी विवेकानंद की १५०वीं जयंती को सार्धशती समारोह के रुप में मनाया जाएगा। पिंकसिटी प्रेस क्लब में रविवार को प्रेस वार्ता में स्वामी विवेकानंद सार्धशती समारोह समिति के संयोजक टोकेकर ने बताया कि समारोह के तहत १२ जनवरी 2013 से १२ जनवरी २०१४ तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस समारोह का संदेश भारत जागो विश्व जगाओ रखा गया है। समारोह की शरुआत ११ जनवरी को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम से होगी । इस कार्यक्रम में माता अमृतानंदमयी देवी, दलाई लामा, रामकृष्ण मिशन के स्वामी गौतमानंद महाराज, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत, चिन्मय मिशन के स्वामी निखिलानंद और विवेकानंद केन्द्र के अध्यक्ष पी परमेश्वर गेस्ट के रुप में उपस्थित रहेगें। इसके बाद पूरे देश में शोभायात्रा, सामूहिक सूर्य नमस्कार, भारत जागो दौड़, गृह संपर्क, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, युवा सम्मेलन और मातृ सम्मेलन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा । राजस्थान  में २५ हजार शोभायात्राओं के साथ १२ जनवरी को इस समारोह की शरुआत होगी। समिति के सचिव डाँ। जसविन्द्र सिंह ने बताया कि देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और अराजकता को युवा शक्ति ही रोक सकती है।

Thursday, December 13, 2012

Press Conference at Rajasthan

स्वामी विवेकानन्द सार्धशती (150वीं जयन्ती) समारोह पूरे देष में 12 जनवरी 2013 से 12 जनवरी 2014 तक मनाया जाएगा। आज जब राष्ट्र आध्यात्मिक, बौद्धिक, सामाजिक, राजनैतिक तथा राष्ट्रीय उदासीन्य और दुविधा के चैराहे पर खड़ा है तब उससे छुटकारा पाने तथा प्रेरणा प्राप्त करने के लिए यह समारोह एक सक्षम अवसर का लाभ देने वाला है।


राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्पन्न होने वाले इस भव्य समारोह के आयोजन हेतु अखिल भारतीय स्तर पर ‘स्वामी विवेकानन्द सार्ध षती समारोह समिति’ का गठन हो चुका है। हमें उल्लेख करने में अत्यन्त हर्ष हो रहा है कि अखिल भारतीय स्तर पर इस समारोह समिति की अध्यक्षता परमादरणीय माता अमृतानन्दमयी देवी ने स्वीकार करके हम सबको उल्लासित किया है तथा भारतीय संसद के भूतपूर्व कार्यवाह माननीय सुभाषजी कष्यप इस समिति के कार्याध्यक्ष पद का निर्वहन करेंगे। इन दोनों श्रेष्ठ अधिकारियों के हम आभारी हैं।

अपने समाज के महत्वपूर्ण विचारक, आध्यात्मिक क्षेत्र के नेतागण एवं स्वामी विवेकानन्द के विचारों के प्रषंसक - ऐसे महानुभावों का तथा सामाजिक संगठनों के जाने-माने गणमान्य व्यक्तियों का इस समिति में सहयोगी होने का आह्वान किया गया है। इसके लिए सभी वर्गों से उत्साहवर्धक प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है।

देश के अधिकाधिक जनसमूह तक स्वामीजी का प्रेरणादायी संदेष पहुँचाने हेतु ‘स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति’ के तत्वाधान में यह भव्य समारोह मनाया जाएगा। इस समारोह का  सन्देश होगा ‘भारत जागो! विश्व जगाओ!!’

हमें पूरा विश्वास है कि स्वामी विवेकानन्द की सार्धशती बहुत ही औचित्यपूर्ण अवसर है जिसके माध्यम से भारतीय समाज की क्षमताएँ और दायित्व को जगाकर विष्व को जगाने का प्रयास सफल होगा।
इस भावना के अनुसार सामाजिक समरसता का उद्देष्य सामने रखकर पाँच आयामों के माध्यम से कार्यक्रमों की योजना समिति द्वारा की जा रही है, जो निम्नानुसार है -

1.युवाशक्ति आयाम - विश्व की सबसे बड़ी युवाशक्ति का सहभाग और राष्ट्र के प्रति उसका रचनात्मक उपयोग हेतु कार्यक्रम
2.सम्वर्धिनी आयाम - महिलाओं का समाज के सभी क्षेत्रों में सहभाग बढ़े और क्षमताओं का विकास हेतु कार्यक्रम
3.ग्रामायण आयाम - ग्रामीण भागों के विकास के प्रति योगदान बढ़ाना और सर्वांगीण विकास  हेतु कार्यक्रम।
4.अस्मिता आयाम - भारत की जनजातियों की सनातन मान्यताओं और संस्कृति के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन हेतु कार्यक्रम।
5.प्रबुद्ध-भारत आयाम - राष्ट्र उत्थान हेतु देश के विचारक और बौद्धिक क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता द्वारा विविध विषयों पर विमर्ष, परिचर्चा, गोष्ठियों इत्यादि का आयोजन।

इन आयामों के साथ देष के प्रमुख केन्द्र स्थानों पर राष्ट्रीय स्तर की परिचर्चाओं के भी आयोजन होंगे।

इन सभी कार्यक्रमों के अतिरिक्त विवेकानन्द जयन्ती पर शोभायात्रा, सामूहिक सूर्यनमस्कार, भारत जागो दौड़, गृह सम्पर्क, प्रदर्षनी, प्रतियोगिता, युवा सम्मेलन, मातृ सम्मेलन आदि के भी आयोजन हांेगे।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले केन्द्रीय कार्यक्रम

150वीं जयन्ती समारोह के षुभ अवसर पर केन्द्रीय समारोह समिति द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2013 को (विवेकानन्द जयन्ती) दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम से षुभारम्भ होगा। यह कार्यक्रम परम आदरणीय माता अमृतानन्दमयी देवी, परम श्रद्धेय दलाई लामा, रामकृष्ण मिशन के परम श्रद्धेय स्वामी गौतमानन्दजी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूज्य सरसंघचालक मोहनरावजी भागवत, चिन्मय मिषन के परम श्रद्धेय स्वामी निखिलानन्दजी, विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष माननीय पी. परमेष्वरन्जी और अन्य प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा।

समस्त भारतवर्ष के सभी राज्यों में राज्य समारोह समिति का गठन हो रहा है जिसमें राज्यों के गणमान्य व्यक्तियों का सदस्य के रूप में अन्तर्भाव होगा। इसी श्रृंखला में राजस्थान के प्रमुख संत एवं महन्तगण मार्गदर्शक रहेंगे।

स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह समिति, राजस्थान

अध्यक्ष:      श्री मिट्ठालाल मेहता, पूर्व मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार
उपाध्यक्ष:    श्री अशोक ओडरानी - प्रमुख व्यवसायी, समाजसेवी एवं प्रमुख न्यासी मोनीलेक अस्पताल, जयपुर
उपाध्यक्षः    श्री घनश्याम ओझा, उद्योगपति, जोधपुर
उपाध्यक्षः    श्री आर. के. वर्मा., शिक्षाविद्, कोटा
सचिवः        डा. जसविन्दर सिंह, चिकित्सक, ब्यावर
कोषाध्यक्षः   श्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता, सेवानिवृत्त मुख्य प्रबन्धक बैंक, जयपुर
सदस्यः       न्यायमूर्ति सुरेन्द्रनाथ भार्गव, पूर्व राज्यपाल सिक्किम, जयपुर
सदस्यः       श्री देवेन्द्र जोषी, उद्योगपति, जोधपुर
सदस्यः       श्री दामोदर मोदी, प्रमुख समाजसेवी, जयपुर
सदस्यः       श्री ओमप्रकाश मोदी, प्रमुख समाजसेवी एवं निदेषक, ओ. के. प्लस ग्रुप, जयपुर
सदस्यः       प्रो. अमितवा बाबी मित्रा, उपकुलपति, वि.आई.टी. विष्वविद्यालय, जयपुर
सदस्यः       श्री अषोक गदिया, अध्यक्ष, मेवाड़ विष्वविद्यालय, चितौड़गढ़
सदस्यः       डा प्रदीप शारदा, सेवानिवृत, निदेशक, चिकित्सा स्वा. एवं परिवार कल्याण विभाग,         राजस्थान सरकार, जयपुर
सदस्यः       श्री अशोक कोठारी, प्रमुख समाजसेवी एवं उद्योगपति, भीलवाड़ा
सदस्यः       प्रो. डा. संगीता सक्सेना, सेवानिवृत, रेडियोलोजी विभाग, कोटा
सदस्यः       सुथार श्री शंकरलाल धीरा जी गहलोत, प्रतिष्ठित उद्योगपति, चांणोद पाली
सदस्यः       एडवोकेट कुलवन्त सिंह सन्धू, श्री गंगानगर
सदस्यः       श्रीमति सुषमा बिस्सा, प्रसिद्ध पर्वतारोही, बीकानेर
सदस्यः       श्री पी. एन. रछोया, सेवानिवृत, पुलिस महानिरीक्षक, जयपुर
सदस्यः       बद्रीलाल चैधरी, पूर्व उपकुलपति, सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर
सदस्यः       श्री देवेन्द्र सालेचा, उद्योगपति, जोधपुर
सदस्यः       श्री गोपाल सैनी, प्रसिद्ध अन्तर्राष्ट्रीय धावक, जयपुर

सार्द्धषती के दौरान आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम


1ण्राजस्थान में 12 जनवरी 2013 के षुभारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर राज्य के ग्रामीण एवं षहरी अंचल में कुल 25000 षोभायात्राओं का आयोजन होगा।

2ण्18 फरवरी 2013 को राज्य के विद्यालयो के छात्र-छात्राओ द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन होगा जिसमें 10 लाख से अधिक प्रतिभागी रहेंगे।

3ण्11 सितम्बर 2013 को विष्व बन्धुत्व दिवस के उपलक्ष में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं युवाओं द्वारा भारत - जागो दौड़ का आयोजन पूरे प्रदेष में अनेक स्थानों पर होगा।

4ण्षहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सम्पर्क होगा जिसमें 35 लाख घरों में स्वामी विवेकानन्दजी का चित्र निःषुल्क दिया जाएगा।

अतः आप सभी पत्रकार बन्धुओं से नम्र निवेदन है कि व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्रोत्थान के इस परम पुनीत कार्य में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए जनजन तक स्वामी विवेकानन्द के पवित्र संदेष को पहुंचाने में इस समारोह समिति का सहयोग करे। आपका यह सहयोग लोकजागरण हेतु किए जा रहे इस राष्ट्रयज्ञ में महत्वपूर्ण आहूति सिद्ध होगा, ऐसा हमारा विष्वास है।