Showing posts with label Uttar paradesh.. Show all posts
Showing posts with label Uttar paradesh.. Show all posts

Wednesday, April 3, 2013

सूर्य नमस्कार कर दिया जगत स्वामी का आरोग्यता संदेश



19 Feb, महोबा : ऊं भास्कराय नम: से चलते चलते जब आष्टांग योग के गुर सिखाने के बाद प्रशिक्षक देश की संस्कृति का आधार ऊं सहनऊ भुनतु तक पहुंचे तो देश के भविष्य के चेहरे एक अलग विशेष आभा से दमक रहे थे। स्वामी विवेकानंद सार्धसदी वर्ष के रूप में मनाए जा रहे कार्यक्रमों की श्रंखला के अन्तर्गत पूरे देश के साथ ही यहां पर भी सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान छात्रों को स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन के बारे में भी जानकारी दी गई।
शहर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज व श्रीनगर के स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद सार्धसती वर्ष के रूप में मनाए जा रहे कार्यक्रमों की अंतर्गत सूर्य नमस्कार किया गया। विद्यालयों के बच्चों व शिक्षकों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शाे पर चलने का संकल्प लिया। विद्या मंदिर के शिक्षक पं जगप्रसाद तिवारी ने कहा कि विवेकानंद जी ने मात्र 42 वर्ष की आयु में ही पूरे देश में भारतीय संस्कृति का डंका बजा दिया था। उन्होनें छात्रों को स्वामी जी के आदर्शो पर चलने का संकल्प दिलाया। स्वामी विवेकानंद स्कूल में अनिल शुक्ला ने भी बच्चों को स्वामी जी के बताए मार्गो पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान शिक्षक व भारी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

सूर्य नमस्कार से मिलती है ऊर्जा

19 Feb, चकिया(चंदौली): सूर्य नमस्कार को नियमित करने से अनेक रोगों का शमन हो जाता है। यह ऐसा प्राणायाम है जिसे प्रत्येक आयु वर्ग के व्यक्ति बड़ी सरलता से कर सकता है। यह बातें स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर सोमवार को वक्ताओं ने कहीं।
स्वामी विवेकानंद की जयंती के लिए गठित समिति द्वारा सोमवार के दिन विभिन्न विद्यालयों व कालेजों में सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम निर्धारित था। इसके तहत नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, भारत माता विद्या मंदिर सहित अन्य विद्यालयों में इसके विभिन्न आयामों की आवृत्ति कराई गई। इस अवसर पर समिति के जिला संयोजक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि युवा व आधुनिक पीढ़ी पर देश के विकास का दारोमदार है। इसलिए इस वर्ग को मानसिक व शारीरिक रूप से बलशाली बनने की जरूरत है। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने भागीदारी की।

इस दौरान रामदुलारे गोंड, अशोक द्विवेदी, काशीनाथ सिंह, राममूरत कुशवाहा, रामदुलार, कल्याण कर , रविकांत राम, एबी सिंह, अशोक पांडेय आरबी सिंह, कैलाश आचार्य आदि लोग उपस्थित थे।


Tuesday, April 2, 2013

सूर्य नमस्कार कर देश को स्वस्थ रखने का संकल्प


19 Feb, सोनभद्र : स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जनपद के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं व समाज के अन्य लोगों को एकत्र कर सूर्य नमस्कार यज्ञ किया गया।
सोमवार को आदर्श इंटर कॉलेज परिसर में सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने मंत्रोच्चारण के साथ सूर्य नमस्कार किया। भारतीय इंटर कॉलेज घोरावल, सरस्वती शिशु मंदिर चुर्क, सरस्वती शिशु मंदिर राब‌र्ट्सगंज, आदिवासी इंटर कॉलेज सिल्थम, भरत पूर्व माध्यमिक विद्यालय शाहगंज आदि विद्यालयों में भी सूर्य नमस्कार संपन्न कराया गया। विभाग संघ चालक नरेन्द्र बहादुर सिंह, अध्यक्ष डॉ. सुरेश यादव, संयोजक राधारमण तिवारी, अवधनारायण, सतेन्द्र, कीर्तन सिंह आदि आदि मौजूद थे वहीं म्योरपुर ब्लाक के लिलासी स्थित राजा चंडोल इंटर कॉलेज परिसर में सूर्य नमस्कार यज्ञ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके अलावा नेपुरी देवी शिक्षण संस्थान बघमंदवा, मां जगदंबा जन सेवा समिति सागोबांध, समेत ब्लाक के अन्य विद्यालयों में भी सूर्य नमस्कार आयोजन किया गया। इस मौके पर रविकांत गुप्त, रामशकल, कमलेश आदि मौजूद थे।
ओबरा में स्वामी विवेकानन्द सार्ध सदी समारोह के दौरान गांधी मैदान में सैकड़ों बच्चों ने सूर्य नमस्कार कर खुद के स्वास्थ्य और देश को बल प्रदान करने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि तापीय परियोजना के महाप्रबंधक ई. एसके गोयल ने कहा कि हमारी प्राचीन परंपराओं में योग साधना रही है, जिसकी बदौलत हमें स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन मिलता है। सूर्य नमस्कार में ओबरा इंटर कॉलेज, स्वामी सत्यानन्द सरस्वती, राजकीय बालिका विद्यालय, शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, बाल विद्या मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर आदि के नौनिहालों ने प्रतिभाग किया। संचालन राजीव जी, धुरन्धर शर्मा ने किया। समारोह के मौके पर जिला संयोजक गिरीश दत्त गिरी, कामेर पांडेय, प्रमोद त्रिपाठी, राम आसरे, शशिकांत श्रीवास्तव, जेपी सिंह, धर्मराज सिंह, बृजेश पांडेय, दिनेश दुबे, किरन सिंह, पूनम, बविता सिंह, राम सुन्दर, नवलेश मिश्र, योगेन्द्र नाथ त्रिपाठी, जितेश्वर मुखर्जी, अनिल तिवारी, हरिश्चन्द्र आदि मौजूद थे।

विवेकानंद सा‌र्द्धशती: सूर्य नमस्कार को उठे हजारों हाथ



19 Feb, बुलंदशहर: स्वामी विवेकानंद सा‌र्द्धशती समारोह के तहत पूरे जनपद में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। हजारों हाथ एक साथ सूर्य नमस्कार को उठे। नगर के डीएवी मैदान सहित दर्जनों स्कूल-कालेज में यह कार्यक्रम हुआ।
भारतीय नवजागरण के अग्रदूत स्वामी विवेकानंद के 150वें जन्मदिन पर सा‌र्द्धशती समारोह आयोजित किया जा रहा है। पूरे देश में एक साल तक विभिन्न आयोजन होंगे। इस कड़ी में सोमवार को सामूहिक सूर्य नमस्कार के जरिये स्वामीजी को श्रद्धांजलि दी गई। छात्र-छात्राओं ने हर दिन सूर्य नमस्कार करने का व्रत लिया। नगर के डीएवी मैदान में छत्रपति शिवाजी विद्या मंदिर, भूतेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर शिवपुरी, विवेकानंद विद्या मंदिर डीएम रोड, डीएवी इंटर कालेज, शिवचरन इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, महाराणा प्रताप कालेज चांदपुर आदि स्कूलों के दो हजार छात्रों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र सेवा प्रमुख गंगाराम ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही, हितेश कुमारी, पूर्व विधायक मुंशीलाल गौतम, जयप्रकाश शर्मा, संजय गर्ग, विभाग प्रचारक अनिल कुमार, प्रधानाचार्य ऋषिपाल, मुरलीधर गौड़, सेवाराम, धर्मपाल, विजेंद्र सिंह, नीरज गुप्ता, आरपी सिंह, ओमवीर, राजेंद्र, यशपाल सोलंकी आदि शामिल रहे। अध्यक्षता अनिल गर्ग एवं संचालन संदीप त्यागी ने किया।
ककोड़ स्थित केशव माधव सरस्वती विद्या मंदिर में 450 छात्रों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। मुख्य वक्ता कृष्णपाल, मनोज कुमार मिश्र ने सूर्य नमस्कार का महत्व बताया। कार्यक्रम संयोजक आचार्य संदीप, कृष्णपाल, आचार्य धमेंद्र, कालीचरन, इंद्रप्रकाश, श्रीकृष्ण शर्मा, सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
----
सूर्य नमस्कार से मिल सकती है मंजिल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र सेवा प्रमुख गंगाराम का कहना है कि सूर्य नमस्कार करने से व्यक्ति लक्ष्य को सहज प्राप्त कर सकता है। इससे शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। छत्रपति शिवाजी के गुरु समर्थ गुरु रामदास प्रतिदिन एक हजार सूर्य नमस्कार लगाते थे। स्वामी आठवलेकर इसका नियमित अभ्यास कर 102 वर्ष तक जीवित रहे। नई पीढ़ी को इसका संस्कार दिया जाना जरूरी है। डा. रूपनारायण का दावा है कि सूर्य नमस्कार से शरीर-मन-मस्तिष्क की समस्त विकार दूर किये जा सकते हैं।


सूर्य नमस्कार यज्ञ में दिखी संस्कार व वैदिक परंपरा की झलक


19 Feb, महराजगंज:
सोमवार को स्वामी विवेकानंद सार्धसती वर्ष के तहत जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में सूर्य नमस्कार यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें संस्कार व वैदिक परंपरा की झलक दिखी।
नेहरू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में दिन के ठीक 10.40 बजे सूर्य नमस्कार यज्ञ की शुरूआत हुई। जिसमें सबसे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य मारकन्डेय मिश्र ने उऊं सूर्याय नम: के मंत्र का उच्चारण किया इसके बाद अन्य वैदिक मंत्रों की गूंज होने लगी। छात्रों ने भी अपनी आंखें बंद कर इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए सूर्य की तरफ मुख कर सूर्य नमस्कार की शारीरिक क्रिया शुरू किया। इस बीच में विभिन्न तरह की शारीरिक क्रियाएं हुई और वैदिक मंत्रों का उद्घोष होता रहा। करीब 30 मिनट तक यह कार्यक्रम चलता रहा।
महायज्ञ के दौरान 13 सूर्य मंत्रों का उच्चारण कर शारीरिक क्रियाएं हुई। जिसमें कक्षा शिशु से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं में सहभागिता की।
इस अवसर पर बबिता प्रजापति, सुनैना, साक्षी, प्रिया पांडेय, शालिनी, सत्यव्रत, विजय कुमार, अभिषेक,सुमित, ऋषिकेश, फूलबदन आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विभिन्न शाखाओं में सूर्य नमस्कार यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके अलावा बजरंगी सिंह सरस्वती शिशु मंदिर तथा रामपुर बल्डीहा में आरएसएस की शाखा पर जिला शारीरिक प्रमुख प्रदीप कुमार मिश्र के नेतृत्व में सूर्य नमस्कार यज्ञ कराया गया।
इस अवसर पर बजरंगी सिंह शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य रामकिशुन प्रजापति के नेतृत्व में छात्रों ने सूर्य मंत्र का उदघोष कर शारीरिक क्रिया किया।
सिसवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार आरएसएस व स्वामी विवेका नंद सार्धसती समिति के संयुक्त तत्वावधान में किसान आदर्श इंटर कालेज बेलवा में सूर्य नमस्कार यज्ञ के दौरान सांसद योगी आदित्य नाथ ने कहा कि सूर्य नमस्कार एक संस्कार के साथ शारीरिक व वैदिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण क्रिया है। उन्होंने स्वामी विवेका नंद के जीवन को आत्मसात करने की जरूरत बतायी।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य उदयभान मल्ल, ओमप्रकाश पांडेय, दिनेश पांडेय, ज्योतिष मणि, श्रवण सिंह, जनार्दन गुप्त, वीरेंद्र सिंह, सत्यदेव धर दूबे, सत्य नारायण जायसवाल आदि मौजूद रहे।
आनन्दनगर, कार्यालय के अनुसार सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, जनता इण्टर कालेज व परमेश्वर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया। इस दौरान ढाई हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य दिनेश राम त्रिपाठी,सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बृजराज मिश्र, शिव प्रसाद तुल्सयान,विपिन कुमार त्रिपाठी, विजय पति सिंह व कैलाश नाथ सिंह के नेतृत्व में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सह जिला कार्यवाह व प्रधानाचार्य दिनेश राम त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीन भारतीय वैदिक संस्कृति में सूर्य की उपासना की जाती रही है। सूर्य उपासना से हमको ऊर्जा मिलती है।


सूर्य नमस्कार यज्ञ में उमड़ा बच्चों का सैलाब


19 Feb, (कुशीनगर) : भारत के नक्षत्र कहे जाने वाले स्वामी विवेकानंद के सार्धशती वर्ष के आयोजन के क्रम में सोमवार को आयोजित सूर्य नमस्कार यज्ञ में शामिल होने के लिए युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ में बगैर किस झिझक के बच्चों ने घंटों सूर्य नमस्कार कर वक्ताओं के विचारों को सुना।
नगर स्थित उदित नारायण इंटर कालेज में आयोजित सूर्य नमस्कार यज्ञ की शुरूआत स्वामी विवेकान्नद के ध्येय वाक्य उठो आगे चले जब तक तुम्हे तुम्हारी मंजिल नही मिल जाती से शुरू हुआ। इसमें पांच विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग लिया। जिसमें सूर्य नमस्कार का 13 मंत्रो सहित जाप किया गया। छात्र संख्या के आधार पर हनुमान इण्टर कालेज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा सरस्वती शिशु मंदिर द्वितीय स्थान व गोस्वामी इण्टर कालेज तृतीय, उदित नारायण इण्टर कालेज ने चौथा स्थान हासिल किया।
आयोजकों की ओर से विजयी स्कूलों के प्रतिभागी बच्चों को स्वामी विवेकानंद का चित्र देकर सम्मानित किया गय। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक जय प्रकाश ने कहा भारतीय संस्कृति की प्राण, त्याग और सेवा है। इसी मार्ग पर चलकर हम सभी युवा भारत माता को परम वैभव तक ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य प्रवक्ता विमलेश कुमार पांडेय ने सूर्य नमस्कार महामंत्र बोलते हुए कहा कि योग और जीवन से बहुत बड़ा संबंध है। जैसे बालक मां के गर्भ में सात प्रकार के आसन करते हुए स्वस्थ जन्म लेता है ठीक उसी प्रकार सभी युवा सूर्य नमस्कार करके स्वस्थ मन और चित से भारत माता की सेवा दीर्घकाल तक कर सकते हैं।
संचालन कर रहे जगदीश नारायण पांडेय ने कहा कि स्वामी जी तो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके बताये हुए विचार पर चलना हर युवाओं का कर्तव्य है। और उनके दिये गये संदेशों को जीवन भर गुणगान गाते रहेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रम्हाशंकर त्रिपाठी, रविकिर्ति साहा, अभय सिंह, अनुज सिंह, अनुज, विशाल, अवनेंद्र, धर्मेद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

आसनों के माध्यम से किया सूर्य नमस्कार


19 Feb, नोएडा : खुले मैदान में बने मंच। मंच पर खड़े कुछ बच्चे। आगे मैदान में बच्चों व लोगों की भारी भीड़। मंच पर खड़े बच्चों ने आसन करना शुरू किया और मैदान में खड़े बच्चे व लोगों ने उसी प्रकार आसन किया। पांच आसन के बाद सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम पूरा किया गया। यह नजारा सोमवार सुबह शहर में किसी एक जगह नहीं, बल्कि चार जगहों पर देखने को मिला। सुबह आठ बजे स्वामी विवेकानंद सार्धशती के मौके पर विवेकानंद सार्धशती समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम किया गया।

कार्यक्रम सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर, सेक्टर-43 स्थित स्टीलर ग्रीन के सामने पार्क, सेक्टर-71बी-ब्लॉक पार्क में और सेक्टर-62 स्थित इंडस वैली पब्लिक स्कूल में किया गया। सामूहिक सूर्य नमस्कार के लिए चारों स्थानों पर मैदान में मंच बनाया गया। मंच पर 10-12 बच्चे खड़े थे। उन्होंने सूर्य नमस्कार के पांचों आसन किए। सबसे पहले ताड़ आसन किया गया। इसके बाद पादहस्त आसन और फिर वीरभद्र आसन किया गया। पर्वत आसन और अंत में आष्टांग नमस्कार आसन कर सूर्य नमस्कार की प्रक्रिया को पूरा किया गया। बच्चों के साथ मैदान में खड़े लोगों ने सूर्य नमस्कार के पांचों आसन किए।

सेक्टर-71 में प्रवीण पाठक ने विवेकानंद के जीवन से जुड़ी काफी बातें बच्चों को बताई। डॉ. एके त्यागी ने सूर्य नमस्कार की विशेषता व इसके लाभ के बारे में बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार के दौरान सूर्य का तेज ग्रहण किया जाता है। इससे शरीर की नाड़ी की शक्ति बढ़ती है। शरीर का लचीलापन बढ़ता है, चेहरे पर तेज आता है और स्मरणशक्ति बढ़ती है। सेक्टर 43 स्टेलर ग्रीन के सामने पार्क में ललित कुमार ने वक्ता के रूप में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला और वीएन शर्मा ने सूर्य नमस्कार के बारे में बताया।

भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य केशव शर्मा ने पहले स्वामी विवेकानंद के बारे में बच्चों को जानकारी दी और इसके बाद सूर्य नमस्कार की विधि, विशेषता और इसके फायदों के साथ इससे जुड़े इतिहास के बारे में बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार भारतीय संस्कृति से बहुत पुराने समय से जुड़ा हुआ है। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने वाला व्यक्ति अपने स्वभाव की उग्रता से आध्यात्म की ओर जाता है। तनाव को दूर रखने में भी सूर्य नमस्कार काफी कारगर है।

सात योग क्रियाओं का संगम है सूर्य नमस्कार



बांदा, 19 Feb : स्वामी विवेकानंद सार्धशती कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को अभियान चलाकर सभी विद्यालयों में बच्चों को सूर्य नमस्कार करने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षकों ने इससे होने वाले लाभ के साथ बच्चों को यह सीख दी कि इस आसन को नियमित करें इससे बुद्धि, विवेक बढ़ेगा और शरीर को ऊर्जा मिलेगी।
नवयुवक शक्तिशाली और मेधावी बनेगा तो देश का माथा ऊंचा होगा। स्वामी विवेकानंद जी की इसी सोच को लेकर शिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षकों ने पहुंचकर बच्चों को सूर्य नमस्कार सिखाया। सूर्य नमस्कार महायज्ञ में शहर के सरस्वती विद्या मंदिर, राजकीय इंटर कालेज, आदर्श बजरंग इंटर कालेज, डीएवी, सरस्वती ज्ञान मंदिर, चंदा देवी, राजा देवी, सरस्वती शिशु मंदिर, आदर्श शिक्षा निकेतन, नटराज म्यूजिक कालेज, ब्रम्हानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आदि के बच्चों ने भाग लिया। आचार्य नरेंद्र कुमार, सनद कुमार, जिला संघ चालक रमाशंकर जी, कमलेश श्रीवास्तव सहित एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षकों ने विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शो को बताया। बबेरू अंप्र के अनुसार सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में कस्बे के सैकड़ों युवकों को सुबह नौ से 10 बजे तक सूर्य नमस्कार करने का प्रशिक्षण दिया गया। संयोजक नरेंद्र अवस्थी ने कहा कि सूर्य नमस्कार करने से व्यक्ति के अंदर ऊर्जा का संचार होता है। इस दौरान काशी प्रसाद मिश्र, आदित्य सिंह, हरीओम, मीनाक्षी साहू, विजय नारायन गर्ग, राजेश प्रजापति, अंबरीश तिवारी, राजेंद्र शर्मा, योगेंद्र सिंह, अशोक सिंह आदि उपस्थित रहे। अतर्रा, नरैनी, तिंदवारी, जसपुरा, चिल्ला अंप्र के अनुसार विद्यालयों में बच्चों ने सूर्य नमस्कार किया।
सूर्य नमस्कार के ये हैं फायदे
- सूर्य नमस्कार को योगासन का राजा कहा जाता है।
- नियमित बिना आहार लिए सूर्य नमस्कार करने से लंबाई बढ़ती है।
- एकाग्र शक्ति बढ़ती है।
- घुटनों में दर्द व पेट संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।
- शरीर बलिष्ठ होता है। साथ ही ऊर्जा मिलने से स्फूर्ति रहती है।
समय व स्थान
- सूर्य नमस्कार खुले स्थान पर करना चाहिए।
- सूर्योदय के बाद बिना आहार लिए नियमित करना चाहिए।
- 13 मंत्रों के साथ यह योग करने से अध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।

Monday, April 1, 2013

सूर्य नमस्कार को उठे हजारों हाथ


19 Feb, बिजनौर : स्वामी विवेकानंद सार्ध शती आयोजन समिति के तत्वावधान में सोमवार को बिजनौर, किरतपुर, नजीबाबाद, हल्दौर, धामपुर समेत कई स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेहरू स्टेडियम में आयोजित सूर्य नमस्कार विभिन्न स्कूलों में अध्यनरत हजारों छात्र-छात्राओं ने शिरकत की।



वरिष्ठ आर्य विद्वान जयनारायण अरुण की अध्यक्षता एवं जिला संयोजक प्रशात महर्षि के संचालन में सोमवार को सुबह साढ़े नौ बजे नेहरू स्टेडियम में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में योग शिक्षक सुरेंद्र सिंह ने डीडीपीएस, माडर्न ऐरा, वीएसडी, एएन इंटरनेशनल स्कूल, बिजनौर पब्लिक स्कूल, परम पब्लिक स्कूल, केपीएस इंटर कालेज, सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर, महावीर बाल विद्या मंदिर, आदर्श शिक्षा शिशु निकेतन, आरजेपी इंटर कालेज, राजकीय कन्या इंटर कालेज, डीएवी स्कूल में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को सूर्य मंत्र सहित सात सूर्य नमस्कार 10 स्थितियों में कराए।

समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी मृत्युंजय ने 'देश हमें देता है सबकुछ, हमें भी कुछ देना चाहिए'' गीत प्रस्तुत किया। वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि/आयोजन समिति के क्षेत्रीय संयोजक रण सिंह ने कहा कि जब शरीर मजबूत होगा, तब ही गीता का सार समझ में आएगा। फुटबाल खेलकर भी युवा पीढ़ी ईश्वर का अनुभव कर सकती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की टिप्पणियों के हवाले से कहा कि वर्तमान में देश को लोहे की शिराओं और फौलाद के स्नायु की जरूरत है। इस सबके लिए शरीर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। इसमें सूर्य नमस्कार महत्वपूर्ण व्यायाम है, क्योंकि सूर्य नमस्कार में सभी आसनों व प्रणायाम का सम्मिश्रण है।

कार्यक्रम अध्यक्ष जयनारायण अरुण ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए सभी छात्र-छात्राओं से स्वस्थ्य शरीर, विशाल दानी हृदय वाला एकाग्रचित होने का आशीर्वाद दिया।



Wednesday, February 20, 2013

काशी महानगर महानगर में 30 हजार युवाओं ने किया सूर्यनमस्कार

18 फ़रवरी, वाराणसी स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती आयोजन समिति के तत्वाधान में रथ सप्तमी पर आज सुबह हजारों युवाओ ने सूर्यनमस्कार कर स्वामी विवेकानन्द को याद किया। इस कार्यक्रम में काशी महानगर एवं वाराणसी जिले के लगभग 70 स्कूलों के करीब 30 हजार विद्यार्थियों ने सूर्यनमस्कार किया।
उल्लेखनीय है कि सारे देश में सोमवार को लगभग 80 हजार स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार किया गया। इसमें करीब 2 करोड़ छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सैकड़ों स्कूलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्वामी विवेकानन्द सार्धशती आयोजन समिति (काशी महानगर दक्षिण) के संयोजक अधिवक्ता राजेश रंजन ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति ने वार्षिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज सूर्यनमस्कार यज्ञ का आयोजन किया गया।  उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए सूर्यनमस्कार जरूरी है। इस प्रकार के कार्यक्रम देश और समाज को जोड़ते हैं और समरसता का विस्तार होता है। पूरे विश्व में स्वामी विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म का डंका बजाया था। उन्होंने समाज के सभी बन्धुओं का आह्वान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द से जुड़े सभी कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।
काशी स्थिति महाराजा बनारस महिला महाविद्यालय रामनगर में स्वयं महारानी अनामिका कुवर उपस्थित होकर सूर्यनमस्कार के लिए प्रेरित किया । इस अवसर पर भूतपूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि सूर्यनमस्कार से तनाव दूर होगा और युवाओ मे आयु, बुद्धि, बल आद्रि गुणो का विकास होगा। राधाकिशोरी राजकीय बालिका इण्टर कालेज रामनगर में बालिकाओं ने सूर्य नमस्कार किया। आचार्य श्रीराम चतुर्वेदी डिग्री कालेज डुमरी रामनगर में युवाओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार कर दर्शको को रोमांचित कर दिया। दर्शकों ने हजारों कि संख्या मे विद्यार्थियों के एक साथ, एक लय में सूर्यनमस्कार करते हुए दृश्य को देख अभिभूत होकर कहा कि आज युवाओं को सूर्यनमस्कार की जरूरत है। 
सभी स्थानों पर वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। स्वामी विवेकानन्द व भारतमाता के चित्रो पर पुष्पांजली, दीप प्रज्ज्वल के बाद मुख्य वक्ता का उद्बोधन, सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन, अध्यक्षीय आशिर्वचन, ध्वजावतरण, आभार प्रकटीकरण, प्रसाद वितरण व शान्ति मन्त्र के साथ कार्यक्रम का समारोप हुआ।