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Tuesday, January 29, 2013

स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष में नगर में विशाल शोभयात्रा एवं विराट आम सभा


डीडवाना 12.01.2013 स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष में नगर में विशाल शोभयात्रा एवं विराट आम सभा का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए समिति के सदस्य एवं युवा आयाम के नगर संयोजक महेश टाक ने बताया कि, इस अवसर पर मध्यान्ह 12.30 बजे स्थानीय श्री अग्रसेन भवन से बाजे-गाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें वाहन रैली, मंगल कलश यात्रा सहित स्थानीय विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने अपनी सहभागिता की। इस शोभायात्रा में विशेष रूप से सजाई गई छांकिया एवं बैनर तथा स्वामी विवेकानन्द के सन्देशों से सम्बन्धित पोस्टर एवं तख्तियां भी सम्मिलित थी। शोभायात्रा में सम्मिलित छात्र-छात्राओं ने जोशीले एवं राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत गीतों एवं नारों से नगर के बाजारों को गुंजायमान कर दिया। शोभा यात्रा अग्रसेन भवन से आरम्भ होकर शहर के मुख्य मार्गों एवं बाजारों से होती हुई समरोह स्थल स्थानीय मिर्धा स्टेडियम पंहुची। शोभा यात्रा का मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों द्वारा पुष्प वर्षा के माध्यम से स्वागत किया गया। मिर्धा स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानन्द के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित एवं पुष्पार्चन द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला संघ चालक नारायण प्रसाद टाक, स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह के जिला संयोजक बुद्धाराम गरवा, सह संयोजक डा. सोहन चैधरी, तहसील संयोजक मनरूपाराम पलसानियां एवं नगर संयोजक शंकर लाल परसावत व नगर संघ चालक एडवोकेट ओम प्रकाश मोठ मंच पर मंचासीन थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में बच्छराज भार्गव द्वारा सामूहिक गीत ‘‘देश हमें देता है सबकुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें’’ प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत एवं उद्बोधन नगर सह संयोजक रमेश कुमार गौड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला सह संयोजक डा. सोहन चैधरी ने स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह के विविध आयामों क्रमशः युवा आयाम, संवर्धनी आयाम, ग्रामायण आयाम, अस्मिता आयाम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला संयोजक बुद्धाराम गरवा ने आगामी वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रामाकिशन खीचड़ ने अपने जोशीले उद्बोधन से स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं एवं देश के युवाओं के लिए उनके द्वारा दिये गये प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में अंगीकार करने की बात कही। अभिषेक शर्मा ने जोशीली कविता एवं उद्बोधन से देश की युवाशक्ति को स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं के माध्यम से देश एवं समाज की भलाई के लिए सतत प्रयासरत रहने पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिला संघ चालक नारायण प्रसाद टाक ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मात्र 39वर्ष की आयु में अप्रतिम प्रतिभा के धनी स्वामी विवेकानन्द ने देश एवं समाज की वह सेवा की जो कि युगान्तरकारी सिद्ध हुई। उन्होंने बताया कि प्रिय दर्शन एवं तेजस्वी प्रतिभाशाली शौर्य-वीर्य सम्पन्न पराक्रम के धनी स्वामी विवेकानन्द ने भारतमाता की प्रतिष्ठा को सम्पूर्ण विश्व में एक अलग पहचान देकर समस्त विश्व के नर-नारियों को भारत की वैदिक सभ्यता एवं संस्कृति के उच्चादर्शों से अनुप्राणित होकर विश्वमंगल की भावना को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित किया। उन्होंने उपस्थित समस्त जन समुदाय से स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में उतार कर समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण के पुनीत यज्ञ में सहभागी बनने  का आह्वान किया।नगर संयोजक शंकरलाल परसावत ने अपने उद्बोधन में नगर में आयोजित होने वाले आगामी वर्ष भर के विविध कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करते हुए बढ-चढ कर समस्त आयोजनों में सहभागिता करने का आह्वान किया। अंत में नगर संघ चालक ऐडवाकेट ओम प्रकाश मोठ ने समस्त जनसमुदाय का आभार ज्ञापित किया।  इस अवसर पर मंच संचालन महेश टाक एवं रमेश गौड़ ने किया।

कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक गणों के साथ उद्योगपति ओम प्रकाश मोदी, पूर्व पालिका अध्यक्ष सुरेश चन्द्र वर्मा, बृज मोहन शास्त्री, महावीर प्रसाद औझा, राजेन्द्र पटवारी, राजेन्द्र दाधीच, कैलाश सोलंकी, विनोद सैन, भुवनेश कुमार शर्मा, रामावतार सर्राफ, परशुराम वर्मा, रामेश्वर जांगिड़, मदनलाल चैहान, गोपीकिशन प्रजापति, लालचन्द ध्यावाला, अंशुमान मोठ, बनवारी मोठ, कमल मोठ, गजेन्द्र गौड़, अरूण न्यावड़ा, द्वारका प्रसाद मल्लावत, आनन्दीलाल लाहोटी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

जोधपुर में भव्य शोभायात्रा


12/01/2013 : जोधपुर : स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर शनिवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में विवेकानंद के जीवन प्रसंगों पर आधारित अनेक झांकियां प्रदर्शित की गईं। विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति के तत्वावधान में आयोजित शोभायात्रा दोपहर में एक बजे नई सड़क चौराहे से गाजों बाजों के साथ रवाना हुई। शोभायात्रा को समिति के अध्यक्ष जुगल किशोर झंवर ने भगवा झंडी दिखा कर रवाना किया। शोभायात्रा नई सड़क से रेलवे स्टेशन रोडएराज रणछोडऱाय मंदिरएजालोरीगेट चौराहाएसरदारपुरा बी रोड होते हुए जलजोग चौराहे से पांचवीं रोड होते हुए गीता भवन पहुंच कर विसर्जित हुई।

शोभायात्रा में स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंग पर आधारित विभिन्न झांकियां सजाई गईं। इसमें स्वामी की देश एवं विदेश यात्राओं के दौरान आयोजित उनके कार्यक्रमों का चित्रण किया गया। शोभायात्रा में करीब 151 झांकियां शामिल हुईं। गीता भवन में समापन के दौरान प्रमुख लोगों ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्श आत्मसात करने की अपील की। सार्ध समिति के अध्यक्ष जुगल किशोर झंवरए विधायक सूर्यकांता व्यास व कैलाश भंसालीए घनश्याम ओझाए हरिगोपाल राठीए भवानी लाल माथुरए देवेंद्र जोशीए रेवत सिंह राजपुरोहितए भैराराम सियोलए कन्हैयालाल माथुरए गिरीश गहलोतए अशोक सिनवाडिय़ाए शिवकुमार सोनीए डॉण् कैलाश डागाए मांगू सिंह राठौड़ए अनिल गोयलए भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र कच्छवाहए भाजयुमो अध्यक्ष पवन आसोपाए पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत सहित अनेक लोगों की भागीदारी रही।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर गौरवपथ स्थित विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष 151 घी के दीपक जलाए। इस मौके पर भाजपा शहर जिलाध्यक्ष नरेंद्र कच्छवाह ने युवाओं को विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष पवन आसोपाए भाजपा महामंत्री जगत नारायण जोशीए राजेंद्र बोराणा पुखराज जांगिड़ए युवा मोर्चा पदाधिकारी आनंदसिंहए जीतेश कलियाए पवन वैष्णवए रामप्रकाश भंसालीए भुवनेश व्यासए हनुवंत सिंह पंवारए सुनील श्रीवास्तवए सोहन प्रजापतए राजेश कच्छवाह सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

Wednesday, January 16, 2013

स्वामी विवेकानन्द सार्धशती के अवसर पर बड़ोदरा में बाना विश्व रिकार्ड


दिनांक 12 जनवरी को बड़ोदरा (गुजरात) के अकोटा स्टेडियम में स्वामी विवेकानंद सार्धशती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बीआरजी ग्रुप द्वारा संचालित बीआरजी स्पोर्ट्स कल्चर एजुकेशन फोरम और उर्मि स्कूल - गुजरात पब्लिक स्कूल के 1600 विद्यार्थियों ने मानव मशाल की आकृति बनाई |  जिसमे छात्र स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में थे | मानव मशाल 186 फिट लम्बी और 54 फीट चौड़ी थी | वीर सेनानी विवेकानंद तुम्हे बुलाते है ,उठो जवान ........ के गीत की धुन पर यह मानव मशाल लगातार 15 मिनिट तक प्रज्वलित दिखाई दी | इस पूरे कार्यक्रम में ब्रिटेन से आये गिनीज बुक वलर्ड रिकार्ड के प्रतिनिधि रिचर्ड स्टेलिंग उपस्थित रहे |


भव्य शोभायात्रा से विवेकानन्दमय बना उदयपुर


25 दिसंबर के संकल्पीत पंद्रह सौ माता -बहनों व पुरूषों ने आज प्रकट किया अपना संकल्प पूरा करते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली। स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति उदयपुर ने सार्द्धशती समारोह के संपूर्ण वार्षिक कार्यक्रमों (12 जनवरी 2013 से 12 जनवरी 2014 ) का श्री गणेश आज उदयपुर में स्वामी विवेकानन्द की जयंती के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा के द्वारा किया। शोभायात्रा  कि भव्यता व महत्ता का देखते हुए इसे चार स्थानो से प्रारम्भ किया गया।
श्री रामकृष्ण परमहंस शोभायात्रा:-
यह शोभायात्रा पटेल सर्कल से प्रातः 10.45 बजे प्रारम्भ हुई जिसे पुर्व गृहमंत्री श्री गुलाबचंद जी कटारिया एवं आलोक संस्थान के संस्थापक श्रीमान श्यामलाल जी कुमावत ने केसरिया पताका दिखाकर शुभारम्भ किया । यात्रा के संयोजक श्री विनोद गदिया, श्री सुभाष जी जोशी, श्री ऋषभ कुमार जैन, श्री जयन्त जी ओझा, श्री दिनेश जी भट्ट, श्री रविन्द्र जी श्रीमाजी एवं ताराचंद जी जैन व नगर साभापति  श्रीमति रंजनी डांगी थे । यात्रा का प्रारम्भ पटेल सर्कल से न्यू रेलवे स्टेशन, उदियापोल होते हुए सुरजपोल स्थल पर महासंगम का हिस्सा बनी । शोभायात्रा में हजारो की संख्या में माताएं बहिनें, बालक-बालिकाएं व विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए । विशेषतः मार्ग में 12 गेट, 11 स्कूल के बच्चों के प्रतिनिधित्व सहित शोभायात्रा का विशेष आकर्षण विभिन्न झंाकिया जिनमें स्वामी विवेकानन्द, भारत माता, महाराणा प्रताप, भिलू राजा आदि अनेकानेक झांकिया शोभायमान थी । सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया जिसमें जवाहर नगर पर सिन्धी समाज एव नटराज होटल परिवार द्वारा अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।
माँ शारदा शोभायात्रा:-
यह शोभायात्रा प्रातः 11.00 बजे बी.एन. संस्थान से प्रारम्भ हुई जिसे पुजनीय सुरेशगिरी जी महाराज एवं बी.एन. संस्थान के मेनेजिंग डायरेक्टर श्री निरंजन नारायण सिंह जी द्वारा केसरिया पताका दिखाकर प्रारम्भ की गई । शोभायात्रा का संयोजन श्री महिपाल जी राठोड, डा.कोैशल जी शर्मा, गणपत जी लौहार, गोपाल जी सोनी एवं पंकज पालिवाल द्वारा किया गया। शोभायात्रा बी.एन. ग्राउण्ड से प्रारम्भ होकर गुरूद्वारा के सामने पहुंची जहां पर सिख समाज के मुखियाओं द्वारा पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया । यात्रा के पुरे मार्ग में अन्यन्य संगठनों द्वारा स्वागत द्वार लगाकर स्वागत किया गया । शोभायात्रा के अग्रसर अश्वधारी दो युवा थे जिनके हाथ में केसरिया पताका थी । शोभायात्रा में भगवान एकलिंगनाथ की झांकी, नाराण सेवा की झांकी, अग्नि शमन , स्वामी विवेकानन्द माँ काली की आराधना , पर्यावरण सुरक्षा , रामसेतु तोडने का विरोध प्रदर्शित करती, भारत माँ की आराधना करती, पाकिस्तान द्वारा भारती सैनिक के सर काटने की बर्बरता को दर्शाति झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र थी ।  शोभायात्रा में एन.सी.सी. केडेट्स, विभिन्न काँलेजों सहित 27 संस्थाओं के प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व था । सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया यात्रा के प्रारंभ में अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।

स्वामी विवेकानन्द शोभायात्रा:
यह शोभायात्रा भूपालपुरा ग्राउण्ड से प्रारम्भ हुई जिसे श्री विजयलाल जी तायलिया,  श्री प्रभुदास जी पाहुजा द्वारा केसरिया पताका दिखाकर प्रारम्भ कि गई । यात्रा  भूपालपुरा ग्राउण्ड  से प्रातः 11.00 बजे प्रारम्भ हुई जो कि शास्त्री सर्कल, देहलीगेट, बापुबाजार होते हूए संगम स्थल सूरजपोल पहुंची। यात्रा संयोजक श्री नेत्रपालसिंह यादव, श्री यशवन्त जी पालिवाल, श्री महेन्द्र जी दोषी, श्री गोपालकुष्ण जी गौड, राजेश जी माली, पंकज जी चित्तौडा आदि थे । शोभायात्रा में आदर्श हिन्दू परिवार, शहिदों को प्रणाम, महाराणा प्रताप, विवेकानन्द जी पर विशेष झाँकियां आकर्षण का केन्द्र थी । शोभायात्रा में अग्रिम पंक्ति में दो अश्वारूढ महापुरूषों की वेशभुषा में युवा थे । सम्पूर्ण यात्रा  मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया जिसमें अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।

भगिनि निवेदिता शोभायात्रा:-

यह शोभायात्रा ऐतिहासिक धार्मिक स्थल श्री जगदीशचैक से प्रातः 11.00 बजे प्रारम्भ हुई जिसे खास औदी के महन्त परम पूजनिय श्री प्रयागगिरी जी महाराज एवं मेलडी माताजी के महन्त पूज्य विरमदेवी जी महाराज तथा केन्द्रीय उपाध्यक्ष मेवाड क्षत्रिय महासभा  के श्रीमान शक्तिसिंह जी कारोई द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की पूजा अर्चना कर तथा श्री विवेकानन्द जी के चित्र पर माल्र्यापण तथा पुष्प  अर्पित कर केसरिया ध्वजा दिखाकर शंख घ्वनि के साथ यात्रा प्रारम्भ हुई| शोभायात्रा के संयोजक श्री हिरालाल जी सोनी, श्री कमलेन्द्र सिंह पंवार, श्री हरिश जी तिवारी, विवेक जी बोहरा, दिनेश जी मकवाना, क्ष्णकान्त जी शर्मा, महेन्द्र जी नागदा, सुखलाल जी द्वारा किया गया । शोभायात्रा जगदीश चैक से प्रारम्भ होकर घण्टाघर, बडा बाजार, सिन्धी बाजार, मुखर्जी चैक, झीणीरेत चैक होते हुए महासंगम स्थल सूरजपोल पर पहुंची । शोभायात्रा में शिव सेना, भारतीय मजदूर संघ, धर्मोत्सव समिति, बजरंग सेना, महाराणा प्रताप सेना, मेवाड क्षत्रीय महासेना, पहल संस्थान, बजरंगबली प्रचार समिति, राजस्थानी भाषा संघर्ष समिति, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ, राजस्थान शिक्षक संघ, राष्ट्रीय रामकृष्ण दल, चंादपोल सेवा समिति के साथ ही विभिन्न सकूलों के बालक बालिकाओं सहित समाज के गणमान्य नागरिक मौजुद थे । विशेष आर्कषण का केन्द्र शोभायात्रा के दौरान सजी हुई विभिन्न झाँकिया (महाराणा प्रताप,भारत माता,राधाकृष्ण मॅंा शारदा आदि) अखाडा, अग्रिम पंक्ति में अश्व पर स्वामि विवेकानन्द बने हुए प्रतिरूप थे ।
सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन अल्पाहार एवं फल वितरण द्वारा किया गया ।

महासंगम स्थल विवेकानन्द मय बना सूरजपोल चैराहा:-

एतिहासिक स्वामी विवेकानन्द की शोभायात्रा का महासंगम सूरजपोल चैराहे पर चारों स्थानों से एकसाथ 12.00  बजे हुआ । एतिहासिक महासंगम समयबद्व अनुशासित रूप से पहली बार इतनी बडी तादाद में शोभायात्रा जिसमें अनेकानेक झांकिया, घुडसवार, समाज के प्रबुद्वजन,  स्कूली विघार्थी आदि थे ठीक समय पर हुआ । यहाँ से चारों शोभायात्राओं का एकसाथ टाउन हाँल प्राँगण पर समापन हुआ जहाँ प्रसाद वितरण आदि किया गया । यात्रा के प्रारम्भ स्कूली बच्चे स्केटींग के करतब दिखाते हुए चल रहे थे जिनके पिछे घोडों पर स्वामी विवेकानन्द जी के प्रतिरूप में बिराजित थे साथ ही अखाडा, गवरी प्रदर्शन एवं साहसिक करतब दिखाते हुए युवा चल रहे थे ।

झाकिया

विवेकानन्द  बनें युवा व बच्चे,एंकलिगनाथ जी की झाकी,भारता माता की झाकी,महाराणाप्रताप की झाकी,आदर्श परिवार की झाकी,कलश यात्रा की झाकी,राष्ट्रीयसेवा योजना की झाकी, राष्ट्रीयकेडेंट कोर की झाकी,शहिदो को नमन की झाकी, कशमीर के शहीदो की झाकी,स्केटीग दलो की झाकीयो नें भाग लिया। सम्पूर्ण यात्रा का  संयोजन जितेश श्रीमाली ने किया।

जयपुर शहर में निकली विशाल शोभायात्रा


जयपुर 12 जनवरी। स्वामी विवेकानन्द की 150 वीं जयन्ती वर्ष के पूर्ण होने पर ‘‘स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह’’ के नाम से किये जाने वाले वर्षभर के कार्यक्रमों का भव्य शुभारम्भ आज विषाल शोभायात्रा द्वारा गुलाबी नगर सहित सम्पूर्ण देषं में प्रारम्भ हुआ।
राजस्थान क्षेत्र के लगभग 700 स्थानों पर विवेकानंदजी की विशाल शोभा यात्रा निकाली गयी। शहर में कार्यक्रम के संयोजक हरीहर पारिक ने बताया की जयपुर में दो स्थानों से विषाल  शोभायात्राएं निकली।
दो स्थानों से शोभायात्रा
स्वामी  विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति द्वारा जयपुर में दो स्थानों चांदपोल गेट व सांगानेरी गेट से विषाल शोभा यात्राएं निकाली। दोपहर 1 बजे से शोभायात्राएं प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गो से होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न हुई।
मार्ग 1 - चांदपोल, छोटी चैपड, त्रिपोलीया गेट, चैडारास्ता, न्यू गेट, रामनिवास बाग होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न ।
मार्ग 2 - सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, बडी चैपड, त्रिपोलीया गेट, चैडारास्ता, न्यू गेट, रामनिवास बाग होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न ।
150 विवेकानन्द मुख्य आकार्षण
स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति द्वारा निकलने वाली शोभायात्राओं में 150 विवेकानन्द मुख्य आकार्षण रहे। शोभायात्रा में हाथी घोडो के लवाजमें के साथ बलवन्त व्यायामषाला तथा स्वामी विवेकानन्द के जीवन का दर्षन कराती लगभग 100 झांकीयां बैण्ड बाजो के साथ निकली।
सम्पूर्ण समाज हुआ शामिल
विवेकानन्द सार्धषती अयोजन समिति द्वारा निकाली गई विषाल शोभायात्रा में पारीक समाज, सिंधी समाज, माली समाल, कोली समाज, खण्डेलवाल समाज, खटीक समाज, सहित विष्व हिन्दू परिषद, मजदूर संघ, व़िद्यार्थी परिषद, दुर्गा वाहिनी, सुरमन संस्थान, सेवाभारती के साथ 50 विद्यालयो के 8 हजार विद्यार्थी झांकियो सहिम शामिल हुए।
संत समाज व धार्मिक संस्थान हुए शामिल
विवेकानन्द सार्धषती अयोजन समिति की शोभा यात्रा में श्री गणेष मन्दिर मोती डूंगरी, दक्षिणमुखी बालाजी, हाथोज, श्री सुधांषु जी महाराज, रामकृष्ण मिषन, गायत्री परिवार, स्वामी रामदेव, माता अमृतानंदमयर जी, अमरापुरा संस्थान के साथ विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी की झांकिया सम्मिलित थी।

भारत जागो ! विश्व जगाओ !! से गूंजी संतरा नगरी

"भारत जागो ! विश्व जगाओ !!", स्वामीजी की बात सुनो - उठो ! जागो !! वीर बनों, आज की आनंद की जय विवेकानन्द की, जैसे जोशवर्धक जयघोष से संतरा नगरी गूंज उठी। स्वामी विवेकानन्दजी की 150वीं जयंती पर स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति, नागपुर महानगर की ओर से निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा में लगभग 20,000 से अधिक नगरवासी सहभागी हुए, जिनमें शहर के विविध संस्थाओं के 7000 हजार से अधिक कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। बच्चे, बूढ़े और जवानों सहित बड़े-बुजुर्ग भी सम्मिलित हुए। 12जनवरी, 2013 को संपन्न हुए इस शोभायात्रा का शुभारम्भ कालीमाता मंदिर में माँ काली के पूजन से हुआ। इस दौरान महिलाओं द्वारा शंखनाद किया गया। तत्पश्चात समारोह का उद्घाटन किया गया। रामकृष्ण मठ, नागपुर के अध्यक्ष स्वामी ब्रम्हास्थानन्द स्वामी ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानन्दजी के विचारों को वर्त्तमान परिप्रेक्ष्य में अधिक प्रासंगिक बताते हुए कहा कि स्वामीजी का आदर्श लेकर ही भारत का उत्थान हो सकता है।

इस अवसर पर सार्धशती समारोह महाराष्ट्र राज्य के उपाध्यक्ष श्री विलास काले, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वन्दनीय शंताक्का, नागपुर के महापौर अनिल सोले, शैक्षिक आमदार नागो गाणार, कमलाताई मुखर्जी, रा. स्व.संघ के नागपुर महानगर संघचालक डॉ. दिलीप गुप्ता, नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.विलास सपकाल, शोभायात्रा के संयोजक एड. रमण सेनाड, सार्ध शती के संयोजक सोमदत्त करंजेकर, विवेकानन्द केंद्र के विदर्भ विभाग प्रमुख आनंद बगड़िया मंचासीन थे। शोभायात्रा में अनेक विधायक, मंत्री, लोकप्रतिनिधि, शिक्षाविद व गणमान्य नागरिक प्रमुखता से उपस्थित थे।
शोभायात्रा में कुल 61 झांकियां थीं, जिनमें सेवा कार्य करने वाली 155 संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
शोभायात्रा में अनेक आकर्षण के केन्द्र थे, जिनमें अंध विद्यालय के छात्रों तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा लेजिम पथक, युवाओं द्वारा खड्ग युद्ध तथा दांड पट्टा प्रात्याक्षिक के साथ ही विद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा बैंड पथक प्रमुख थे। झाँसी रानी चौक पर राष्ट्र सेविका समिति की बहनों ने तलवारबाजी तथा लाठी युद्ध द्वारा के माध्यम से समाज में स्वरक्षण, शीलरक्षण व समाज रक्षण का संदेश दिया। स्वामी विवेकानन्द के विविध चित्रों तथा विचारों पर आधारित 61 झांकियों थीं। झांसी रानी चौक पर बर्फ से बनी स्वामीजी की मूर्ति भी इस यात्रा का आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही चलते रथ पर सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन, मेहाडिया चौक पर दही हांडी का प्रात्यक्षिक तथा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर अनेक संस्थाओं द्वारा पथनाट्य प्रस्तुत किये गये। यात्रा में विविध संस्थाओं द्वारा 61 चित्ररथ के माध्यम से समाज परिवर्तन व जागृति का संदेश दिया । शोभायात्रा में नागपुर महापालिका द्वारा संचालित शालाएं तथा निजी विद्यालय व महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं भारी संख्या में सम्मिलित हुए। शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए मनपा ने पूर्ण सहयोग किया। महेश्वरी समाज द्वारा 10 हजार लड्डू, झेप संस्था द्वारा समोसे, बापट परिवार तथा नानिवडेकर सभागृह द्वारा प्रसाद वितरित किया गया।

विवेक विचार साहित्य सेवा' के रथ के माध्यम से स्वामी विवेकानन्दजी की जीवनी तथा विचारों पर आधारित हिन्दी, मराठी तथा अंग्रेजी में साहित्य की भरी मात्रा में विक्री की।  शोभायात्रा में बनवारीलाल पुरोहित, मा. गो. वैद्य निखिल मुंडले, भरत जोशी, संदीप जोशी, मुक्ताताई पत्तार्किने, सारिका पेंडसे, विवेकानन्द केंद्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता प्रियंवदा दीदी, गौरीताई खेर, अरुणा  ताई देशपांडे अपर्णा केसकर, गुलाबराव वंजारी आदि अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

Swami Vivekananda 150 Jayanti : Kanyakumari

12.1.2013: Kanyakumari : Today in Kanyakumari, there was a grand procession on the occasion of Swami Vivekananda's 150th Birth Anniversary. At Vivekananda Mandapam, after offering flowers to Swamiji by Swami Chaitanyanandaji Maharaj of Sri Ramakrishna Ashram, Vellimalai, and the Superintendent of Police Kanyakumari District flagged the procession. Swami Vivekananda was placed on the elephant followed by 150 children dressed like Swami Vivekananda, 2500 students from V K Vidyalaya, St Anthony, Jnanadeepam, Amrita Vidyalay, Govt Higher Secondary school Ottialvidu, Vivekananda College and Polytechnic Agastiswaram accompanied by band, kolattam, silam battam, karakattam and staff of VK and VK Vidyalaya along with reputed people of Kanyakumari participated in the procession which was almost 1.5 kms long and it covered around 5 kms distance.

Swami Vivekananda 150th jayanti celebrations at bowenpalli - secunderabad



The program was followed by a two wheeler rally with about 150 vehicles. Total Sakhya Tarun 200, Bal 50. Flag off was done by Sri prathap. 12.1.2013 : secunderabad : Sri Uppal Raju was the chief guest who spoke about Swamiji. Other guests included Sri jai hind singh thakur, (advocate),  sri konda srikanth,(entrepreneur) and sri j.prathap (secunderabad cantonment board member).

Massive Shobha Yatra at Delhi

The year long celebrations to commemorate 150th birth anniversary of Swami Vivekanand were inaugurated today by a massive ‘Shobha Yatra’ (Celebratory March) in which more than 15,000 persons belonging to various walls of life participated. The march started from Red Fort and covered Chandni Chowk, Khari Baoli, Lahori Gate, Novelty Cinema, Delhi Railway Station and back to Red Fort (3.5 km). Thousands of residents of the area, business establishments, religious organisations, academic institutions etc welcomed the Shobha Yatra by presentation of bouquets and spreading of flowers petals, etc. The whole route was decorated with banners and welcome gates.
The purpose of the year long celebrations is to spread the message of swami ji amongst all sections of society, particularly the Indian youth which is the future of the country. Swamiji’s message deals with comprehensive awakening of the nation; spiritual, economic, cultural, academic and industrial. Even though Swamiji is remembered the most through his Chicago “Brothers and Sisters of America” lecture, but his concerns about India, Indians and their portion in the world meet much beyond that iconic lecture. It is not widely known, for example that Swamiji was responsible for encouraging Tatas to establish Steal Factories to spur the industrial growth of the nation. Swamiji was also the initiator of the idea of establishing Indian Institute of Sciences.

The Shobha Yatra was addressed by prominent spiritual, social and cultural leaders.  Some of the prominent social and spiritual leaders who inspired the march included the renowned academic and spiritual thinker Dr. Pranav Pandya who also addressed the gathering before the start of the march. Others who participated included Shanta Atmanandji (Rama Krishna Ashram), Sh. P Parmeshwaran ji of Vivekanand Kendra Kanya Kumari, Pramila Taiji Medhe, Swami Vivekanathji of Valmiki Samaj, Swami Raghwanand ji and Swami Retambhranand ji. The March was blessed by Poojya Amma Ma Amritanandmayi ji. All the speakers emphasized the fact that for the reawakening of the nation, Swami ji should be the role model of the youth in the country.  

A large number of tablens depicting various aspects of the life and message of Swamiji (like Awake India & and Awaken the World, Rock Memorial, Rama Krishna Paramhans, Chicago lecture, etc) participated in the March. The Yatra was joined by a large number of schools and students, business organisations, farmers associations, labour unions, women organisations, cultural groups, diverse religions groups, artists, etc. More than hundred delegates from all followers of Swami Vivekanandji also participated.

The nodal agency of the year long Vivekanand 150 celebrations in the Vivekanand Foundation, New Delhi. The purpose of the celebrations is to revive the spirit of Vivekanand ji among all sections of the society across the length and breadth of the country. Schools and colleges, Universities, Villages, Under privileged sections of society, women, sc’s/st’s North Eastern States, etc shall be mobilized to spread the message of swamiji. It is aimed that more than 40 million (4 crore) households are contacted during the year long celebrations which will conclude on 12th Jan. 2014.

स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती पर भव्य षोभायात्रा - नई दिल्ली - 12 जनवरी, 2013

नई दिल्ली - 12 जनवरी, 2013 - उतिष्ठ जागृत का उद्घोष करने वाले आधुनिक सन्त स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती कीशुरूआत देश की राजधानी दिल्ली में स्वामी विवेकानन्द शोभा यात्रा के रूप में हुई। कार्यक्रम की शुरूआत मंचीय कार्यक्रम से हुई जो लालकिले पर हुआ। मंच में स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति की अखिल भारतीय अध्यक्षा पूज्य माता अमृतानन्दमयी देवीजी (अम्मा), गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पण्डया, नारायणगुरू संस्थान केरल के अध्यक्ष स्वामी ऋतम्भरानन्द जी, विष्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय संगठन महामन्त्री श्री दिनेषचन्द्र जी, विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के अध्यक्ष श्री पी. परमेष्वरन जी, राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढे जी, वाल्मीकि समाज के सन्त स्वामी विवेकनाथ जी महाराज, स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव श्री अनिरूध देशपाण्डे जी, स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति दिल्ली के अध्यक्ष श्री राधेश्याम गुप्ता जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली के प्रान्त संघचालक श्री कुलभूषण आहुजा जी उपस्थित थे।

मंच से गायत्री परिवार के प्रमुख डा। प्रणव पण्डया ने सम्बोधित किया। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का जन्म गौरव महसूस कराता है। इस देश की आजादी का आधार स्वामी विवेकानन्द बने लेकिन सांस्कृतिक आजादी नहीं मिल पायी। स्वामी जी ने आशावाद जगाया, अद्वैतवाद को पुनः जागृत किया। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानन्द युवाओं के ‘रोल माँडल’ होने चाहिए। जीवन से नकारात्मकता हटाना ही सन्यास है। दिषाहीन युवा नकारात्मक देश खडा करता है। स्वामीजी के जीवन और संस्कार में सकारात्मकता के अलावा कुछ नहीं था। स्वामी विवेकानन्द को हरेक के जीवन में उतारना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिये। भारत ही विश्व को दिशा दे सकता है। हमारा लक्ष्य अपने ज्ञान से लोगों को दिशा देना होना चाहिये। अब वह समय आ रहा है जब लोग हमें निहारेंगे, उस समय के लिए हम तैयार रहें।

माता अमृतानन्दमयी देवीजी (अम्मा) ने अपने सन्देश में कहा कि स्वामी विवेकानन्द महान कर्मयोगी रामकृष्ण परमहंस के ऐसे पुष्प थे जिन्होने सबको सुगन्धित किया। आध्यात्मिकता केवल जंगल में सन्यास नहीं, समाज का जीवन सुधारना है। समस्त समाज को उठाने का आधार सही     शिक्षा है उसके लिए उचित शिक्षा पद्धति की अपेक्षा है।

कार्यक्रम के अन्त में लालकिले से स्वामी विवेकानन्द जी के जीवन को दर्शाती भव्य झांकियां निकाली गई जिसमें स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती के उद्देश्यों को दर्षाती पांचों आयामों (युवा, प्रबुद्ध भारत, संवर्धिनी, ग्रामायण और अस्मिता) से जुडी झांकियां भी प्रस्तुत की गई। लालकिले से भव्य शोभायात्रा चान्दनी चैक, खारी बाउली, लाहौरीगेट, नाँवल्टी सिनेमा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेषन से होती हुई वापस लालकिले पर समाप्त हुर्ह। शोभायात्रा का स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा से स्वागत किया। शोभायात्रा में बडी संख्या में स्कूली बच्चों, महिलाओं तथा नागरिकों ने भाग लिया।

स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह का भव्य रूप से उदघाटन

11/1/2013 नई दिल्ली। स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह का आज नई दिल्ली स्थित सीरीफोर्ट सभागार में 2400 गण्मान्य नागरिकों की उपस्थिति में भव्य रूप से उदघाटन किया गया। स्वामी विवेकानन्द जी के जन्म के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में समस्त भारत में साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की प्रस्तावना इस समारोह में रखी गई। समारोह समिति की अध्यक्षा माता अमृतानन्दमयी देवी जी इस कार्यक्रम में मुख्य अध्यक्षा के नाते मंच पर उपस्थित थीं। मंच पर उपस्थित महानुभावों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक माननीय मोहनराव भागवत जी, श्री जयेश गाधिया जी, राष्ट्र सेविका समिति की निर्वतमान अध्यक्षा प्रोमिला ताई मेढे जी, मा. परमेषवरन जी, डा. प्रणव पांड्या जी स्वामी ऋतंम्भरानन्द जी, आचार्य मुनि पुल्केष जी, स्वामी निखिलानन्द जी तथा श्री ए. देशपाण्डे जी विराजमान थे।  

माननीय मोहनराव जी भागवत ने अपने उदबोधन में विवेकानन्द जी के जीवन पर बोलते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी की जो दृष्टि थी तथा जो उन्होंने बताया वही कार्य आज संघ कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्वामी जी ने कभी जाति, धर्म, समुदाय के आधार पर मनुष्य में भेद नहीं किया। स्वामी जी के विचारों से अवगत करवाते हुए उन्होंने बताया कि आपमें शक्ति होना बहुत आवष्यक है, सनातन धर्म में होते हुए भी स्वामी जी ने लोगों से कहा था कि गीता पढ़ने से अच्छा है फुटबाल खेलना, जिससे शरीर बलषाली हो। उनका मानना था कि कमजोर राष्ट्र कभी सर उठाकर नहीं खड़ा हो सकता इसलिए दुनिया के सामने अपने को सक्षम बनाने के लिए हमें शक्ति अर्जित करनी चाहिए। उनका यह भी मानना था कि हम भटकी हुए दुनिया के साथ खड़े होने के लिए नहीं हैं अपितु भटकी हुए दुनिया को सही मार्ग व दिषा देने के लिए बने हैं। उन्होंने बताया आज की सभी समस्याओं का हल व्यक्ति के संकल्प पर टिका है, बुराइयों को समाप्त करने की पहल मैंने करनी है, अपने परिवार से करनी है, ऐसा संकल्प सभी लेते हैं तो कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि विवेकानन्द जी की 150वीं वर्षगांठ का यह वर्ष देष के उत्थान तथा दुनिया को दिशा देने का महत्वपूर्ण वर्ष होगा तथा भारत जागो विश्व जगाओ के उदगोष को सार्थक करेगा।

स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती पर भव्य षोभायात्रा - झारखंड


रांची, विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी के निर्देशन में स्वामी विवेकानन्द सार्घषती समारोह समिति झारखंड द्वारा स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के अवसर पर आज राजधानी रांची के मोराबादी मैदान  में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम से पूरे वर्ष भर तक चलने वाले कार्यक्रमों का विधिवत उद्घाटन किया गया। इसी क्रम में झारखण्ड के गांव-गांव तक प्रभात फेरी एवं षोभा यात्रा निकाली गई है।प्रातः 7 बजे से ही 15 स्थानों से षोभा यात्रा निकालना प्रारंभ हुआ जिसमें माताओं-बहनों, समाज के प्रबुद्धजनों के साथ विद्यालयों के बच्चे बहुत बड़ी संख्या में सम्म्लित हुऐ। राँची के सभी दिशाओं से शोभा यात्राएं निकलकर 10 बजे से मोरहाबादी मैदान में एकत्र होना प्रारंभ हो गया। आयोजन समिति के लोगों ने षोभा रथ बनाकर मोटर साइकिलों एवं चारपहिया बाहनों के साथ षोभा यात्रा षहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मोरहाबादी मैदान में एकत्र हुये।षहर के लगभग सभी मार्गो से निकलते हुए ये षोभायात्रा लोगों के आर्कषण के मुख्य केन्द्र थे। कुछ कार्यकर्ता स्वमी विवेकानंद जी के आकृति में लोगों को अभिभुत कर रहे थें। लगभग 11:00 बजे कार्यक्रम की विधिवत उद्घाटन समारोह समिति के संरक्षक मा. सिद्विनाथ सिंह, अध्यक्ष श्री हिमाषुं कुमार मेहता एवं आर.एस.एस. के क्षेत्र प्रचारक श्री स्वांतरंजन जी के द्वारा भारत माता पूजन व स्वामी जी केचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। उपरोक्त अतिथियों के अलावा मंच पर विकास भारती के सचिव श्री अषोक भगत, सेवा भारती के प्रदेष अध्यक्ष श्री ओमप्रकाष केजरीवाल, श्री जेठा नाग,श्री रामाकांत राय, श्री प्रेम अगवाल, श्री एम.पी. सिंह ,डा. आनंद भूषन एवं श्री पवन मंत्री उपसिथत थे। उपस्थित पदाधिकारियों का परिचय श्री हरिनारायण यादव ने करवाया। कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए श्री विनोद गडियान ने कहा कि -25 दिस.12 को संकल्प दिवस के साथ आज स्वामी जी के 150 वी जयंती के अवसर पर सालभर तक अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।

 स्वामी जी जिस भारत की कल्पना को साकार करने का स्वप्न देखा करते थें उसे मूर्तरूप प्रदान करने हेतु एवं समाज में जागरण हो,समाज स्वामी जी के आदर्शो को आत्म सात कर सके इसके लिये अनके प्रकार के कार्यक्रम पुरे साल समाज के सहयोग से किया जायेगा जिसका आज उद्घाटन हुआ ।आज इस पकार के कार्यक्रम झारखंड के लगभग 30,000 गांवों में प्रभात फेरी एवं कार्यक्रमों के माघ्यम से प्ररंभ की गया है ।विवेकानन्द जी के राष्ट्रीय विचारों का प्रचार-प्रसार समाज के हर वर्ग तक हो इस निमित्त पूरे कार्यक्रम को पाँच आयामों में बांटा गया है। युवा वर्ग के लिए - युवा षक्ति, समाज के संभ्रात एवं विवेकषील लोगों के लिए - प्रबुद्ध भारत, ग्रामीण लोगों के लिए- ग्रामायण, बहनों एवं माताओं के लिए - संबर्द्धिनी एवं जनजातीय समाज के साथ कार्य करने के लिए - अस्मिता नाम से वर्ष भर कार्यक्रम चलते रहेंगे।

वर्ष भर में चार केन्द्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। आज 12 जनवरी, 2013 (स्वामी विवेकानन्द जयन्ती) - गांव-गांव तक विषाल ष्षोभा यात्रा एवं उद्घाटन समारोह। 18 फरवरी, 2013  - सामूहिक सूर्य नमस्कार महायज्ञ। 11 सितम्बर, 2013 (स्वामी जी द्वारा षिकागो विष्व धर्म सभा में ऐतिहासिक भाषण) - भारत जागो दौड़। 12 जनवरी, 2014 - भव्य समारोह समापन। इस प्रकार पूरे साल तक चलने वाले कार्यक्रमों के बारे में बताया गया।अध्यक्षीय भासन समारोह समिति के अध्यक्ष एवं झारखंड उच्च न्यायालय के वरिस्ठ अध्विक्ता श्री हिमाषुंकुमार वर्मा तथा स्वामी जी के जीवन पर आधारित एक भावविभोर कर देने वाली कविता ‘‘ हम भारत माता की संतान’’ श्री हश्केष जी के द्वारा गाया गया। स्वामी जी का प्रसिद्व शिकागो भासन का भी वाचन इस दौरान आर्कषन का केन्द्र रहा।लगभग दो हजार नगरिको की उपस्थिति में यह कर्यक्रम अत्यन्त प्रेरणदयी रहा । मंच संचालन श्री अखिलेष जी तथा इस कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री रषिंकर कुमार,श्री राकेष षुक्ला,श्री बाल भगवान सिंह, श्री रामलखन महतो, श्री रामावतार नारसरिया, डा। प्रदीप कुमार सिन्हा, श्री दीनदयाल सिंह, श्री अमरनाथ झा, श्री षत्रुध्न सिन्हा, श्री मनसु महतो, डा. आर. बी. पाठक, श्री विजय वत्सल, श्री गहतेष कुमार, श्री प्रशांत पाण्डेय सहित अनेंक लोगों की भूमिका प्रषंसनीय रही ।

Wednesday, December 12, 2012

Grand plans afoot for 150th birth anniversary of Swami Vivekananda

A series of events will be held in the state from January 2013 to mark the 150th birth anniversary of Swami Vivekananda. Some of them are shobha yatra, gramotsav, yuva sammelan and yuva marathon. Different organisations/associations will celebrate the anniversary together.

The Swami Vivekananda Sardhshati Samaroh Samiti (SVSS) on Sunday announced its plans for the year.

A grand celebration will be held from January 12 to February 12, 2013. State convenor of SVSS, Bhargav Bhatt said, “We will have a grand shobha yatra on January 12 in the entire country where people from all communities will participate.”

On Sunday, SVSS announced that Kantisen Shroff from Bhuj was its new president for the state samaroh. Gruhsampark Abhiyaan will be carried out in the state from January 15 in which SVSS intends to reach out to all the villages and cities of the state and distribute photographs of Swami Vivekananda to all households.

“Around 25 lakh households will be covered under this programme,” added Bhatt.
Bhatt said seminars, yuva sammelans and a yuva marathon will be held as part of the celebrations. “Also, young girls will be given physical training too and a kabaddi competition will be held in different parts of the state.” A special medical camp for tribals has been planned in September 2013.

Yuva sammelans, shobha yatra and gramotsavs will be held to mark the occasion.

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