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Wednesday, February 20, 2013

Suryanamaskar Mega Event at Vanasthalipuram at Dilsukhnagar, Hyderabad

18 February, Vanasthalipuram
To mark the occassion of Swami Vivekananda's 150th birth anniversary, many programes are planned & organized throughout the year. The Sardh Shati celebrations that were started with Shobha Yatra were continued with the Group Suryanamaskar.
 
At Vanasthalipuram we got remarkable responce from the society.The chief guest of program was Dr.Narender Reddy, Head of Chaitanya Hospitals. Sri Sundar Reddyji, Treasurer, SV 150 Jayanti Utsav Samiti, Andhra Pradesh was present. Ayush Nadimpalli was the speaker on the occasion.
1280 High school students from 14 schools participated in the program.

काशी महानगर महानगर में 30 हजार युवाओं ने किया सूर्यनमस्कार

18 फ़रवरी, वाराणसी स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती आयोजन समिति के तत्वाधान में रथ सप्तमी पर आज सुबह हजारों युवाओ ने सूर्यनमस्कार कर स्वामी विवेकानन्द को याद किया। इस कार्यक्रम में काशी महानगर एवं वाराणसी जिले के लगभग 70 स्कूलों के करीब 30 हजार विद्यार्थियों ने सूर्यनमस्कार किया।
उल्लेखनीय है कि सारे देश में सोमवार को लगभग 80 हजार स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार किया गया। इसमें करीब 2 करोड़ छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सैकड़ों स्कूलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्वामी विवेकानन्द सार्धशती आयोजन समिति (काशी महानगर दक्षिण) के संयोजक अधिवक्ता राजेश रंजन ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति ने वार्षिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज सूर्यनमस्कार यज्ञ का आयोजन किया गया।  उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए सूर्यनमस्कार जरूरी है। इस प्रकार के कार्यक्रम देश और समाज को जोड़ते हैं और समरसता का विस्तार होता है। पूरे विश्व में स्वामी विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म का डंका बजाया था। उन्होंने समाज के सभी बन्धुओं का आह्वान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द से जुड़े सभी कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।
काशी स्थिति महाराजा बनारस महिला महाविद्यालय रामनगर में स्वयं महारानी अनामिका कुवर उपस्थित होकर सूर्यनमस्कार के लिए प्रेरित किया । इस अवसर पर भूतपूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि सूर्यनमस्कार से तनाव दूर होगा और युवाओ मे आयु, बुद्धि, बल आद्रि गुणो का विकास होगा। राधाकिशोरी राजकीय बालिका इण्टर कालेज रामनगर में बालिकाओं ने सूर्य नमस्कार किया। आचार्य श्रीराम चतुर्वेदी डिग्री कालेज डुमरी रामनगर में युवाओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार कर दर्शको को रोमांचित कर दिया। दर्शकों ने हजारों कि संख्या मे विद्यार्थियों के एक साथ, एक लय में सूर्यनमस्कार करते हुए दृश्य को देख अभिभूत होकर कहा कि आज युवाओं को सूर्यनमस्कार की जरूरत है। 
सभी स्थानों पर वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। स्वामी विवेकानन्द व भारतमाता के चित्रो पर पुष्पांजली, दीप प्रज्ज्वल के बाद मुख्य वक्ता का उद्बोधन, सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन, अध्यक्षीय आशिर्वचन, ध्वजावतरण, आभार प्रकटीकरण, प्रसाद वितरण व शान्ति मन्त्र के साथ कार्यक्रम का समारोप हुआ।

दिल्ली में सामूहिक सूर्य नमस्कार - प्रेस विज्ञप्ति

फेब्रुवारी, 2013 नई दिल्ली: स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती आयोजन समिति के तत्वाधान में सोमवार सुबह सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजधानी के 200 स्कूलों के करीब आठ हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त श्री राधेश्याम गुप्ता ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली के अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (खेल) पद्मश्री श्री सतपाल और वक्ता के रूप में प्रसिद्ध  साहित्यकार नरेन्द्र कोहली उपस्थित थे। समारोह में सामूहिक सूर्य नमस्कार के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने आसन के अतिरिक्त पिरामिड निर्माण और शारीरिक सौष्ठव का प्रर्दान किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से घोष प्रस्तुत किया गया।
उल्लेखनीय है कि सारे देश में सोमवार को लगभग 80 हजार स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार किया गया। इसमें करीब 2 करोड़ छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सैकड़ों स्कूलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समारोह में आए बच्चों को सम्बोधित करते हुए महाबली सतपाल ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग जरूरी है। इस प्रकार के कार्यक्रम देश को जोड़ते हैं। सारी दुनिया के लिए स्वामी विवेकानन्द शक्ति और आध्यात्म का प्रेरणा स्त्रोत हैं। देश और समाज के उत्थान के लिए ऐसे कार्यक्रमों में हमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।

श्री नरेन्द्र कोहली ने बच्चों को स्वामी विवेकानन्द से जुड़े कुछ दृष्टांत बताए। एक दृष्टांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक दुर्बल व्यक्ति स्वामी जी के पास गीता के ज्ञान के लिए गया। उसे स्वामी जी ने गीतापाठ की बजाए फुटबाॅल खेलने की प्रेरणा दी। इसके पीछे उनका मंतव्य था कि गीतापाठ के साथ शारीरिक शक्ति की भी आवश्यकता है। देश और समाज को चलाने के लिए शारीरिक दृढ़ता की आवश्यकता है।
श्री कोहली ने लक्ष्य के प्रति एकाग्रता पर बल दिया और कहा कि स्वामी जी का लक्ष्य स्पष्ट था। यही वजह है कि उन्होंने इतनी कम उम्र में और संसाधनों के अभाव में सारे विष्व में हिन्दू धर्म की पुर्नस्थापना की। उन्होंने व्यक्ति के मान-सम्मान से ऊपर राष्ट्र का मान बताया। उन्होंने अपने बीमार गुरु का झूठा भोजन करके लोगों को छुआछूत का प्रतिकार किया।
इस अवसर पर मंच संचालन मुकेश कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन समिति के अध्यक्ष श्री राधेश्याम गुप्ता ने किया।

Delhi Suryanamaskar Mega Event Press Release

February, 2013 Delhi

The ‘Swami Vivekanada 150th Birth Anniversary Committee’ Organized a massive ‘Collective Surya Namaskar’ program at Ramlila Grounds, Delhi. This Surya Namaskar Program has been organized at more than 80,000 places throughout the country. About 2 crore young men and women, college and school students, have simultaneously participated in this program which has taken place in all the state capitals, Districts Headquarters, Blocks, many schools and colleges. About 12,000 students took part in the Surya Namaskar Program at Ramlila Grounds. Besides, this exercise was  done in more than 200 schools & colleges in Delhi. The date 18th Feb was chosen because of two reasons: it coincides with Surya Rath Saptami and this is the birth date of Swami Vivekanand ji’s Guru, Swami Ram Krishna Paramhans. This program has set a World Record as about 2 crore youth participated at the same time, at 80,000 different places, in the exercise of Surya Namaskar.

The purpose of this Collective ‘Surya Namaskar’ was to kindle the spirit of Swami Vivekananda amongst the youth of the country. Swamiji had a great faith in the potential of the youth and wanted the youth to be motivated by the spirit of nationalism, patriotism, faith in their culture and tradition. Swamiji emphasized that besides developing faith of the youth in the superiority of the Hindu thought, Education should also strive for the holistic development of students: intellectual, physicals and spiritual. Swamiji also stressed on the developments in the scientific and technological fields. That is why he persuaded Mr. Tata to establish steal factories and to create Scientific Institutions which later became Tata Institute of Fundamental Research and Indian Institute of Sciences.

The ‘Surya Namaskar Mahayagya’ at Ramlila Grounds, Delhi was attended by a large number of prominent personalities from social, cultural, sports fields and other leaders. The famous nationalist thinker and historical novelist, Dr Narendra Kohli (who has written about 10 novels and books on Swamiji’s life and teachings) was the main speaker to motivate the participants. The program was presided over by Dr. Radhey Shyam Gupta, Chairman of the Delhi Swami Vivekanand 150th Birth Anniversary Committee and former commissioner of Delhi Police. The chief guest was international player and Padamshri Mahabali Satpal. The Surya Namaskar event was preceded by a very impressive show of yogic aasans and other physical exercise by students.

Narendra Kohli ji in his speech underlined the importance Swami ji gave to strong physical strength in the youth. Only those with strong bodies can have strong and committed mind. The strong physical and mental health leads to strong nationalist beliefs. Dr Kohli said that Swami ji spent his entire life in search of God and Godliness in the common and down hidden people of the country. He was not over whelmed by all the praises that were bestowed upon him or by the luxuries that were sought to be showered on him. Throughout his life he followed the street principles of ‘Brahamcharya’. He quoted many examples from the life of Swami ji’s massage was not only for India & Indians but for the entire humanity. Despite the fact that India was colonized by the Britishers during his life, he was bold enough to severely criticize the British and the Christian priests for exploiting the wealth of India and attempting to undermine the rich culture of Indian.
Ref : http://www.vivekananda150jayanti.org/report/2013/february/18/suryanamaskar-delhi-english

Solapur Suryanamaskar Mega Event



फेब्रुवारी, 2013 सोलापूर | प्रतिनिधी
स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समितीने सोमवारी आयोजित केलेल्या सामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञात ५ हजार ८३१ विद्यार्थ्यांनी ४० हजार ८१७ सूर्यनमस्कारांची आहुती दिली. पार्क मैदान येथे सकाळी १० वाजता झालेल्या या कार्यक्रमात शहरातील ७५ शाळांतील विद्यार्थ्यांनी संस्कृत मंत्रांसह सूर्यनमस्काराची सात आवर्तने केली.

व्यासपीठावर सोलापूर विद्यापीठाचे कुलगुरु डॉ. एन. एम. मालदार, शिक्षणतज्ज्ञ डॉ. स्वर्णलता भिशीकर, मनपा सभागृह नेते महेश कोठे, रोहिणी तडवळकर, पेंटप्पा गड्डम, शहाजी पवार, दीपक पाटील, वल्लभदास गोयदानी, दामोदर दरगड आदी मान्यवर उपस्थित होते. प्रास्ताविक प्रा. शिवराज पाटील, सूत्रसंचालन प्रसाद जिरांकलगीकर तर आभार प्रदर्शन राजेश कळमणकर यांनी केले. सहभागी विद्यार्थ्यांना प्रमाणपत्रांचे वाटप करण्यात आले. 

५८३१ विद्यार्थी

७५ शाळा

३०० शिक्षक

११२ कार्यकर्ते

०७ सूर्यनमस्कार आवर्तने

४०८१७ एकूण सूर्यनमस्कार

३७ दिवसांपासून तयारी

विवेकानंदांची प्रेरणा हनुमान
भारत बलशाली बनण्यासाठी आधी तुम्ही सशक्त बना, असे आवाहन डॉ. स्वर्णलता भिशीकर यांनी विद्यार्थ्यांना केले. महाबली हनुमान हे स्वामी विवेकानंदांचे प्रेरणास्थान होते. दुर्बलांना जगात कोणीच विचारत नाही, म्हणून मन वज्र हवे अन् मनगट ते पोलाद असा संदेश स्वामीजींनी दिला.

देशव्यापी उपक्रम
स्वामी विवेकानंदांनी बलशाली बनण्याचा संदेश दिला आहे. त्यामुळे रथसप्तमीचे औचित्य साधून देशभरात सुमारे दोन कोटी विद्यार्थ्यांना सूर्यनमस्काराचे प्रशिक्षण देण्यात आले. त्याचाच भाग म्हणून सोलापुरात सामूहिक सूर्यनमस्काराचे आयोजन केले.
- संदेश पवार, कार्यकर्ता

पोवाड्याने संचारला उत्साह
सूर्यनमस्काराच्या प्रारंभी अपर्णा सहस्रबुद्धे आणि सहकार्‍यांनी स्वामी विवेकानंदांच्या जीवनावर पोवाडा सादर केला. पहाडी आवाजातील पोवाड्याने उपस्थितांत वीरश्री संचारली.

उपस्थित अन्य मान्यवर
बसवराज देशमुख, सुहास देशपांडे, राजेश काटवे, प्रा. नरेंद्र काटीकर, रंगनाथ बंग, रंगनाथ बंकापूर, डॉ. शोभा शाह, माया गांधी, स्नेहल पेंडसे, नंदकुमार चितापुरे, प्रा. प्रशांत स्वामी, संध्या औरसंग, हिराचंद बोडा, नागेश स्वामी, अभय कामतकर, प्रा. व्यंकटेश तुम्मनपल्ली, प्रा. अनिता अलकुंटे
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Monday, February 18, 2013

धूमधाम से मनाई विवेकानंद की 150वीं जयंती

जागरण संवाद केंद्र, यमुनानगर : विश्व मंच पर देश का गौरव प्रतिष्ठित करने वाले भारत माता के वीर पुत्र स्वामी विवेकानंद जी की 150वीं जयंती जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई। विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों के द्वारा मिलकर शहर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए शहर को भव्य ढंग से सजाया गया था।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद सार्धशती आयोजन समिति की ओर से स्वामी विवेकानंद जी की भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा दोपहर के समय डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से प्रारंभ होकर मधु चौक, फव्वारा चौक, पेपर मिल गेट, न्यू मार्केट, अग्रसेन चौक, रादौर रोड से होती हुई स्टार्च मिल गेट पर शाम को समाप्त हुई।
इस शोभायात्रा में विद्यालयों, मंदिरों, धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा स्वामी विवेकानंद भारत माता एवं देवी देवताओं की सुंदर झांकियां बनाई गई जो सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रही। शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा की गई तथा जलपान व प्रसाद वितरीत किया। शोभायात्रा को देखने के लिए नगर निवासी अपने घरों से बाहर आकर सड़कों पर खडे़ होकर झांकियों का आनंद ले रहे थे। स्वामी विवेकानंद आयोजन समिति के अनुरोध पर लोगों ने अपने घरों में दीये जलाए व पटाखे बजार एक दूसरे को स्वामी विवेकानंद जी के 150वें जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी। नगर संयोजक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि आज के दिन देशभर में एक लाख से ज्यादा शोभायात्रा का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती मनाने में महिलाओं, युवाओं के अलावा हर वर्ग के लोगों द्वारा विशेष उत्साह देखा गया। शोभायात्रा के समापन पर स्वामी विवेकानंद संस्थाओं के प्रबंधक कम कंबोज, संजय कंबोज, विमल कंबोज ने शोभायात्रा में आई झांकियों को स्वामी विवेकानंद जी का स्मृति चिह्न के रुप में भेंट करके सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के प्रांत कोषाध्यक्ष धर्मपाल गुप्ता, दर्शन लाल जैन, विवेकानंद, किशोर कुमार, रामप्रसाद, मदन चौहान रामधारी, विनोद मरवाह, राजेश सपरा, करनेश शर्मा, संगीता, पवन बिट्टू, आचार्य सुखदेव, अश्वनी अग्रवाल, सुरिंद्र शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।
वहीं, जगाधरी में भी स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति की ओर से स्वामी विवेकानंद जी की जयंति पर शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा को हरी झडी सरस्वती नदी शोध संस्थान के अध्यक्ष दर्शन लाल ने दी। यात्रा में सामाजिक, शिक्षण संस्थाओं, भजन मंडलियो व नगरवासियों ने भाग लिया। शोभा यात्रा स्कूल रोड से शुरु होकर, झडा चौक, पत्थरों वाला बाजार, पुलिस चौंकी, बुडिया गेट से होती हुई कन्या वरिष्ट माध्यमिक विद्यायल पर समाप्त हुई। मौके पर मुलख राज दुआ, कौशल कुमार, पूर्व विधायक कंवरपाल, सत्यप्रकाश, महेद्र खदरी, मोजी सेठी, अशोक महेदीरत्ता, डा. ऋषिपाल वशिष्ठ, अरुण अग्रवाल, अमर सिंह, अशोक, लक्ष्य, पुष्कर दत्त, महेद्र पाल आर्य, अनिल लाबा, श्याम महदीरत्ता, खैराती लाल, पुरुषोतम शर्मा, प्रदीप शर्मा, विक्की, सोमप्रकाश, अनिल पुरथी, संजय, सुशील, दिव्यास, राजन, डॉ. अलोक, वेदप्रकाश, विपुल, अजय, प्रवेश, मनोज सेठी, शभु, अभिषेक, अगंद, अक्षय, दीपक, सुधीर, राजन, राहुल, अमित व अर्पण उपस्थित रहे।

स्वामी विवेकानंद की शोभा यात्रा कल

जागरण संवाददाता, जम्मू : स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। 12 जनवरी को इसकी शुरुआत होगी। इस मौके पर राज्य के 28 स्थानों से एक ही समय शोभा यात्रा निकाल कर स्वामी विवेकानंद की जयंती को लेकर वर्ष भर में मनाए जाने वाले समारोहों का आगाज होगा।
जम्मू में स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर रविंद्र सिंह जम्वाल ने कहा कि वर्ष 2013 स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत शहर में एक बड़ी शोभायात्रा के साथ की जाएगी।
इसके साथ ही पूरे प्रदेश में अनेक केंद्रों पर भी ऐसी ही यात्राओं से सार्धशती वर्ष का शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को दोमाना, जगटी, अखनूर, आरएसपुरा, बड़ी ब्राह्माणा, विजयपुर, सांबा, घगवाल,्र कठुआ, नगरी, हीरानगर, शीतल नगर, बिलावर, बसोहली, सुंदरबनी, राजौरी, पुंछ, रियासी, पौनी, अरनास, मनवाल, ऊधमपुर, कोरड़ी रामनगर, रामबन व किश्तवाड़ से शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी।

आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ

 आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस अवसर पर शहर में चार स्थानों से शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्राएं स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित थी। इस दौरान पूरा शहर विवेकानंदमय हो गया।

स्वामी विवेकानंद सार्ध शताब्दी के तत्वावधान में चार स्थानों से निकाली गई शोभायात्रा में शहर उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित 29 झांकियां शामिल थीं। यात्रा में  काली माता के अखाड़े भी निकाले गए। इसमें युवाओं ने करतब बाजी दिखाई। इसके अलावा बैंड तथा ढोल के संगीत पर युवाओं की झूमती नाचती मंडलियां और समूह चल रहे थे। शोभायात्रा में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल थे। पहली शोभा यात्रा राजा साइकिल चौराहे से प्रारंभ होकर मार्टिंडल ब्रिज  पहुंची। दूसरी शोभा यात्रा जीसीए से शुरू होकर महावीर मार्ग केसरगंज पहुंची। ये दोनों शोभा यात्राएं केसरगंज तिराहे पर मिलने के बाद गांधी भवन चौराहा पहुंची। तीसरी यात्रा जवाहर रंगमंच से सुभाष उद्यान पहुंची। चौथी यात्रा सुभाष उद्यान से गांधी भवन चौराहा पहुंची। ये चारों यात्राएं गांधी भवन चौराहे से रामकृष्ण परमहंस स्मारक पहुंची। रामकृष्ण स्मारक पर हजारों लोगों ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

समारोह में सार्ध शताब्दी समिति सदस्य उमरदान लखावत, रामचरण बंसल, आरएसएस के सुनील दत्त जैन, मोहन खंडेलवाल, निरंजन शर्मा, श्याम शर्मा, सुभाष गहलोत, विवेकानंद केंद्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता श्वेता, देवेंद्र पंवार, कुसुम गौतम, विधायक वासुदेव देवनानी, कंवल प्रकाश, पार्षद भारती श्रीवास्तव, जेके शर्मा, सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

देशभक्तिगीतों की प्रस्तुति : रामकृष्ण परमहंस स्मारक पर सांस्कृतिक संस्था सप्तक के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। समारोह में विवेक पारीक ने 'भुवन मंडले, नव युग मुदयतु, सद्दाम ने 'ऐ मेरे प्यारे वतन के लोगों, संतोष टेवाणी ने 'हमको अपनी भारत की माटी से, मुकुल नायक ने 'मेरे देश की अजब कहानी, अंशिता शर्मा ने 'जो समर में हो गए अमर, सीमा शर्मा, श्वेता चौरासिया, अक्षत जैमन और साथियों ने 'ये है नया हिंदुस्तान और साक्षी शर्मा ने 'वंदेमातरम गीत की प्रस्तुति दी। गोप मीरानी ने हवाइन गिटार पर आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं और बीएन माथुर ने वतन की राह में गीत पेश किया। उनके साथ तबले पर नरेंद्र जैन, ढोलक पर ललित कुमार शर्मा, बांगो पर सैयद सादिक अली, हारमोनियम पर मुकुल नायक ने संगत दी। मंच संचालन सरोज लखावत ने किया।

शोभायात्रा में विभिन्न संगठनों ने दिया सहयोग : समारोह में विवेकानंद केन्द्र, वीएचपी, भारत विकास परिषद, विद्या भारती, सहकार भारती, एबीवीपी, भारतीय सिंधु सभा, सेवा भारती, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय, पतंजलि योग समिति, जीनगर समाज, सप्तक, संस्कार भारती,  बाल संस्कार केंद्र, आदर्श विद्या निकेतन, शिवम स्कूल, ब्लॉसम स्कूल, अविनाश माहेश्वरी, इंजीनियरिंग कॉलेज,  डीएवी, विरजानंद, हरिसुंदर सुंदर बालिका, डीबीएन, आर्य पुत्री सहित अन्य शामिल थे।

अजमेर,
आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष भर चलने वाले समारोह का शनिवार को शोभा यात्रा के साथ आगाज हुआ। इस अवसर पर शहर में चार स्थानों से शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्राएं स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित थी। इस दौरान पूरा शहर विवेकानंदमय हो गया।

स्वामी विवेकानंद सार्ध शताब्दी के तत्वावधान में चार स्थानों से निकाली गई शोभायात्रा में शहर उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित 29 झांकियां शामिल थीं। यात्रा में  काली माता के अखाड़े भी निकाले गए। इसमें युवाओं ने करतब बाजी दिखाई। इसके अलावा बैंड तथा ढोल के संगीत पर युवाओं की झूमती नाचती मंडलियां और समूह चल रहे थे। शोभायात्रा में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल थे। पहली शोभा यात्रा राजा साइकिल चौराहे से प्रारंभ होकर मार्टिंडल ब्रिज  पहुंची। दूसरी शोभा यात्रा जीसीए से शुरू होकर महावीर मार्ग केसरगंज पहुंची। ये दोनों शोभा यात्राएं केसरगंज तिराहे पर मिलने के बाद गांधी भवन चौराहा पहुंची। तीसरी यात्रा जवाहर रंगमंच से सुभाष उद्यान पहुंची। चौथी यात्रा सुभाष उद्यान से गांधी भवन चौराहा पहुंची। ये चारों यात्राएं गांधी भवन चौराहे से रामकृष्ण परमहंस स्मारक पहुंची। रामकृष्ण स्मारक पर हजारों लोगों ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

शोभायात्रा में विभिन्न संगठनों ने दिया सहयोग : समारोह में विवेकानंद केन्द्र, वीएचपी, भारत विकास परिषद, विद्या भारती, सहकार भारती, एबीवीपी, भारतीय सिंधु सभा, सेवा भारती, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय, पतंजलि योग समिति, जीनगर समाज, सप्तक, संस्कार भारती,  बाल संस्कार केंद्र,ं आदर्श विद्या निकेतन, शिवम स्कूल, ब्लॉसम स्कूल, अविनाश माहेश्वरी, इंजीनियरिंग कॉलेज,  डीएवी$, विरजानंद, हरिसुंदर सुंदर बालिका, डीबीएन, आर्य पुत्री सहित अन्य शामिल थे। 

2 किमी लंबी इस ऐतिहासिक शोभायात्रा में दस हजार से अधिक लोग

ग्वालियर।  स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति की ओर से दोपहर 2 बजे से ग्वालियर के फूलबाग मैदान से शोभायात्रा निकाली गई।
- लगभग 2 किमी लंबी इस ऐतिहासिक शोभायात्रा में दस हजार से अधिक लोग शामिल हुए। शोभायात्रा का समापन महाराज बाड़े पर हुआ।
- शोभायात्रा में स्टूडेंट्स ड्रम के साथ, हल लेकर चलते किसान, गदा लेकर चलते युवा, काले कोट में एडवोकेट और सबसे अंत में वाहन पर सवार स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में युवक आकर्षण का केंद्र रहे।
- यात्रा नदी गेट, इंदरगंज चौराहा, पाटनकर बाजार और दौलतगंज होती हुई महाराज बाड़े पर पहुंची। ऐतिहासिक शोभायात्रा देखने के लिए हजारों की संया में लोग मौजूद रहे।
- ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए डीएसपी ट्रैफिक सहित अमला मौजूद रहा। यात्रा के चलते शहर में कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।

Seminar on Swami Vivekananda and Indian Nationalism -Hydrabad



बौध्धिक शक्ति के स्रोत विवेकानंद

नागपुर। स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति की ओर से आगामी 18 फरवरी, 2013 को पूरे देशभर में सामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। देशभर के विद्यालयों के शिक्षकों तथा शालेय विद्यार्थियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। इस कड़ी में आज 2 फरवरी, 2013 को भगवान नगर स्थित ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय में नागपुर के शारीरिक शिक्षकों का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में नागपुर के 160 विद्यालयों के 220 शारीरिक शिक्षक सहभागी हुए। इस अवसर पर शिक्षक विधायक श्री नागो गाणार, नागपुर महानगरपालिका के शिक्षण सभापति श्री अविनाश ठाकरे, ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्री अरविंद करवंदे, स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति, विदर्भ के उपाध्यक्ष श्री आनंद बगडिया तथा सामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञ के महानगर सचिव श्री प्रकाश बडिये प्रमुखता से उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा को अतिथियों माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात् सार्ध शती समिति के प्रचार-प्रसार प्रमुख श्री लखेश्वर चंद्रवन्शी ने सूर्यनमस्कार महायज्ञ की प्रस्तावना दी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण भारत के लगभग 9 करोड़ विद्यार्थीं इस सूर्यनमस्कार महायज्ञ में सम्मिलित होंगे जिससे देश में बलशाली भारत का संदेश विद्यार्थियों को प्राप्त होगा। स्वस्थ भारत तथा संगठित सामर्थ्य की अभिव्यक्ति इस आयोजन से होगा। सम्पूर्ण देश सूर्यनमस्कार के माध्यम से ज्ञानसूर्य स्वामी विवेकानन्द को अपना भाव अर्पित करेंगे। इस अवसर पर डॉ. अरविंद करवंदे ने सूर्यनमस्कार के बहुआयामी महत्व को प्रतिपादित किया तथा शिक्षण सभापति श्री अविनाश ठाकरे ने आश्वासन दिया कि इस सूर्यनमस्कार महायज्ञ में नागपुर महानगर पालिका हर दृष्टि से समिति को सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नागपुर महानगर पालिका के चार हजार विद्यार्थी इस आयोजन में सहभागी होंगे। प्रशिक्षण के दौरान दृश्य-श्राव्य माध्यम (एलसीडी) से सूर्यनमस्कार की स्थितियां तथा सूर्यनमस्कार के लाभ को समझाया गया। सार्ध शती समारोह समिति ने 1 लाख विद्यार्थिंयों के सामूहिक सूर्यनमस्कार का लक्ष्य रखा है। इस दृष्टि से आगामी 18 फरवरी को नागपुर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 16 स्थानों पर सामूहिक सूर्यनमस्कार का कार्यक्रम सम्पन्न होगा।
विधायक नागो गाणार ने सभी विद्यालयों को आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने छात्र-छात्राओं को इस आयोजन में सहभागी बनाएं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनेक मान्यवर सहभागी हुए जिनमें अशफाक शेख, सुधीर पुसदकर, डॉ. संजय खडदकर, सौ.पूजा चौधरी, सौ. कावळे, रोशन आगरकर, गिरीश सोनबरसे, संजय लोखंडे, डॉ. दाचेवार, पदमाकर चारमोडे, सतिश बोपचे, सौ. चित्राताई पानतावणे, सौ. क्षमा दाभोलकर, सौ. अरुणा देशपांडे सहित क्रीड़ा भारती व विवेकानन्द केन्द्र के पदाधिकारीगण तथा संघ के सभी भाग कार्यवाह प्रमुखता से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सूर्यनमस्कार महायज्ञ के संयोजक श्री प्रकाश कापसे तथा आभार प्रदर्शन श्री भरत जोशी ने किया |

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Suryanamaskar Training completed in Mumbai

Mumbai : Under Vivekananda Sardh Shati Samaroh, Vivekananda Kendra, branch- Vile parle has been completed an Agressar training camp was arranged for 2 days where around 110 Agressars (Leaders) from 10 different schools of Vile Parle participated (specially, 15 deaf and dumb students from 2 schools)  and got motivated for the grand event Of mega Suryanamaskar on 18th. The Teacher-in charge from each school was also involved in the camp.

ग्वालियर में 18 फरवरी को सामूहिक सूर्यनमस्कार की तैयारियां बृहद स्तर पर



ग्वालियर में 18 फरवरी को सामूहिक सूर्यनमस्कार की तैयारियां बृहद स्तर पर प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में दिनांक 11 फ़रवरी को मैदान पर भूमि पूजन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ उसे स्थानीय समाचार पत्रों ने सलग्न समाचार के रूप में coverage  किया / इसके अतिरिक्त 400 से 500 अग्रेसरों का प्रशिक्षण भी पूर्ण हो चूका है। मैदान के सीमांकन का प्रारूप कागज पर तैयार है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री अनूप मिश्र उपस्थित रहेंगे। यातायात समिति बने गई है जिसके द्वारा सहभागियों को मैदान तक लेन ले जाने के लिए 500 बसों की व्यवस्था की है। इनके अतिरिक्त ऐसे विद्यालय जिनके पास स्वयं के वहां हैं , वे अपने छात्रों को स्वयं लेकर कार्यक्रम स्थल तक लायेंगे / नगर में प्रचार प्रसार गृह संपर्क , समाचार पत्रों, चेनलों , आकाशवाणी, ऍफ़ एम रेडियो आदि के माध्यम से किया जा रहा है।

ग्वालियर में जैसा कि पूर्व के इतिहास के रूप में वर्ष 2005 का सामूहिक सूर्यनमस्कार विश्व इतिहास के रूप में " गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड" में प्रविष्ट है इसी से उत्साहित होकर यहाँ के नागरिक, विद्यालय/महा विद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा उनके अविभावक इसमें सहभागी होने को तत्पर रहते हैं।

ग्वालियर सूर्यनमस्कार तैयारी के अतिरिक्त क्षेत्र  में मेरा भोपाल और इंदौर भी प्रवास हुआ है जहा जिलाशः सूर्यनमस्कार की योजना बनी  है। इस प्रकार संख्या की द्रष्टि से इन प्रान्तों में भी अच्छी उपस्थिति रहनेवाली है। महाकौशल प्रान्त में डा अखिलेश जी गुमास्ता ने सूर्यनमस्कार हेतु प्रत्येक विद्यालय को लक्ष्य करते हुए नियोजन किया है।

12 जनवरी प्रदेश के विभिन्न भागों में वन्दे मातरम्, भारत माता की जय और नन्द के आनंद की, जय विवेकानन्द की के नारों गूंज उठा



हिमाचल प्रदेश स्वामी विवेकानन्द जी की 150वीं जयंती हिमाचल में श्रद्धा एवं धूमधाम से मनाई गई। 12 जनवरी प्रदेश के विभिन्न भागों में वन्दे मातरम्, भारत माता की जय और नन्द के आनंद की, जय विवेकानन्द की के नारों गूंज उठा। प्रदेश के 12 जिलों में 91 स्थानों पर भव्य शोभा यात्राएँ निकाली गई। लगभग 23000 लोगों ने सक्रिय रूप से कार्यक्रमों हिस्सा लिया जिसमें 12000 पुरूष व 11000 महिलाएं शामिल थी। इस कार्यक्रम आम जनमानस ने खूब सराहा। प्रिंट और इलैक्टोनिक मीडिया ने प्रदेशभर में हुए विभिन्न कार्यक्रमों को अच्छा स्थान दिया। शिमला दूरदर्शन से नेषनल चैनल पर खबर आई और प्रदेशभर में भी दिखाया गया।


ref : http://vivekananda150jayanti.org/media/2013/january/13/himachal-pradesh

भारत फिर बन सकता है विश्वगुरु : गंगा विशन



देसूरी 3 फ़रवरी 2013. प्रज्ञा  प्रवाह प्रदेश सह संयोजक गंगाविशन ने कहा कि सामाजिक समरसता का महिला सशक्तिकरण के साथ में भारत को पुन: विश्व गुरु के सिंहासन पर आरूढ़ करना है। वे शनिवार को स्वामी विवेकानंद सार्ध शती के तहत आयोजित जिला स्तरीय व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को रक्षात्मक रूख के साथ-साथ आक्रामक रूख भी अपनाना होगा, तभी भारत विश्व शक्ति के रूप में पहचान बना पाएगा। प्रांत सह संयोजक मोतीलाल सोनी ने कहा कि अगर भारत के बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद की जीवनी का अध्ययन करें।

बाली विधायक पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर स्वामी देश के भ्रमण के लिए निकले थे। उस उद्देश्य को पूरा करना हर भारतीय का कर्तव्य है। युवा आयाम की जिला प्रमुख सुमित्रा राजपुरोहित ने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वामी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। समारोह में शक्तिसिंह मेड़तिया, ओमप्रकाश शर्मा, खेतरपाल गर्ग, गुलाब खत्री, चंपालाल लोगेंसा, गजेंद्र देवड़ा, किरणसिंह राजपुरोहित, पुष्पेंद्र सोनी, अशोक दवे, गोविंद सिसोदिया आदि मौजूद थे। संचालन हितेश रामावत व गोविंद वैष्णव ने किया।

इन भामाशाहों का रहा सहयोग : समारोह को सफल बनाने में भामाशाह खरताराम चौधरी सोनाणा, वालाराम जणवा चौधरी दुदापुरा, राहुल मकरानी रानी, भंवरलाल घांची आदि का आयोजन समिति द्वारा स्वागत किया।

स्वामी विवेकानन्द के आदर्श

समर्थ भारत प्रतियोगिता

 रामसीन आदर्श विद्या मंदिर में गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ब्लॉक जसवंतपुरा के तत्वावधान में विवेकानंद के १५०वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में समर्थ भारत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। परीक्षा संयोजक किशोर रामावत ने बताया कि जिला अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह कि देखरेख में आयोजित परीक्षा में कुल १०० छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को समाजसेवी रूपाराम सुथार की ओर से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संस्था प्रधान अनिल व्यास, देवाराम, हिम्मत प्रजापत तथा सुमेरसिंह मौजूद थे।

रानीवाड़ा शिक्षक संघ  के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित समर्थ भारत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 52 छात्र-छात्राओं को नामांकित किया गया, जिसमें से 49 छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस अवसर पर दीपसिंह देवल, हनुमान चौधरी, महेंद्र त्रिवेदी, विक्रम सिंह, विष्णुदान, मोहब्बतसिंह, अशोक सोलंकी, गणपत विश्नोई तथा विनयसिंह व आदर्श विद्या मंदिर के कर्मचारी उपस्थित थे।





Ref : http://www.vivekananda150jayanti.org/report/2013/february/01/samarth-bharat-pratiyogita

हिमाचल में स्वामी विवेकानन्द जी की 150वीं जयंती



12 January 2013 Shimla - स्वामी विवेकानन्द जी की 150वीं जयंती हिमाचल में श्रद्धा एवं धूमधाम से मनाई गई। 12 जनवरी का दिन था और प्रदेष के विभिन्न भागों में वन्दे मातरम्, भारत माता की जय और नन्द के आन्नद की, जय विवेकानन्द की के नारों गूंज उठा। प्रदेश के 12 जिलों में 91 स्थानों पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली गई। लगभग 23000 लोगों ने सक्रिय रूप से कार्यक्रमों हिस्सा लिया जिसमें 12000 पुरूष व 11000 महिलाएं शामिल थी।