Swami Vivekananda Sardh Shati Samaroh with a theme of Wake Up Bharat! Enlighten The World!!. www.vivekananda150jayanti.org
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Tuesday, April 9, 2013
Ghar Ghar Swami Vivekananda
As part of Swami Vivekananda Sardh Shati Samaroh, there are so many
programs going on through out the country to spread out the thoughts of
Swami Vivekananda. In Madhya Pradesh, Jhoteshware, Message of Swami
Vivekananda is taken to 12 lacs homes by distributing the various
Sahitya relating Swami Vivekanandan.
Monday, April 8, 2013
हिमाचल प्रदेशमें सूर्य नमस्कार
हिमाचल प्रदेशमें 18 फरवरी को स्वामी विवेकानन्द की 150 जयन्ती पर
आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में लगभग एक लाख छात्र -
छात्राओं ने भाग लिया स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति के
प्रान्त संयोजक डाक्टर सुरेश सोनी जी ने बताया कि प्रान्त के 23 जिलों में
1250 जगह पर सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम आयोजित हुआ ।
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MAMMOTH NATIONAL HINDU CONFERENCE IN COLOMBO
SV 150 CELEBRATIONS
MAMMOTH NATIONAL HINDU CONFERENCE IN COLOMBO
10 FEB 2013 SHALIKA ROUNDS COLOMBO
First time in the history, thousands of Hindus
gathered in Colombo, the capital city of Srilanka. This was an
unbelievable sight to the people in Colombo as the Hindus never ever
gathered like this. This was the first time Hindus came with a united
concept and proved their unity and strength.
Hindu Swayamsevak Sangh decided to celebrate Swami Vivekanandha’s 150th
birth anniversary in Srilanka and formed committees among the villages,
urban councils,municipal councils, District and Island levels .
The inauguration function was held on Feb 26th
of 2012. Consequently 140 conferences held all over the Srilanka. More
than 7000 committee members from various parts of the country helped to
organize these programs very successfully. Nearly 500,000 of Hindus came
into contact by these programs. 200,000 stickers were pasted on the
doors of Hindu houses around the country and around 100,000 Hindus took
part in these conferences.
The concluding program of SV 150th year celebrations was held as National Hindu conference at Shalika grounds, Colombo on Feb 10th
of 2013 under the patronage leadership of Hon D.M.Swaminathan M.P. He
is the trustee of famous Sri Ponnambalawaneshwarar temple in Colombo and
also the grandson of Sri Kumaraswami was the president of reception
committee in 1897 to welcome Swamiji when he returned to Colombo from
world religion of Parliament.
A cultural procession with Swamiji’s photograph
marched in the main streets of Colombo and ended at the Shalika grounds.
An exhibition of various Hindu organizations was held in the ground
with fifteen stalls.
Sharply at 3pm program started with hoisting the
national flag by Hon Arumugan Thondaman minister of Livestock and Rural
development. Swami Sarvaroopanandhaji president of Ramakrishna mission
Colombo blessed the program. Brammachari Dharshan Chaithanya of Chinmaya
mission and the buddist monk Amarapura Nikaya Gnanesgwara Thero were
also present to grace the occasion.
Mananeeya Prof. Anirudhdha Deshpandeji All India general secretary of Swami Vivekananda 150th
birth anniversary celebration committee, Shri S.Rajendranji Dhakshin
Kshetra Karyavah, Shri R.B.V.S. Manianji VHP Tamilnadu were the guest
speakers in the program.
Hon ministers, deputy ministers, members of
Parliament from all parties, provincial ministers, Director of
Department of Hindu Religious and cultural affairs, leaders of all Hindu
organizations were present in the stage.
About 10 thousands of Hindus attended the program
in the disciplined manner. They were totally involved and happy due to
the success of the program. They were from all 25 Districts in SriLanka
within 150 divisions (Taluks) consisting 640 villages .
Lunch, dinner and essential facilities were
provided for all. Traffic and security arrangements were perfect with
the help of government authorities. All printing and electronic media
gave a good coverage for this program.
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ॐ सूर्याय नम: के उद्गोष से गूंज उठा जोधपुर
जोधपुर 18 फ़रवरी 2013
स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह के अंतर्गत वर्ष पर्यन्त चलने वाले कार्यक्रम के तहत आज पुरे देश में एक साथ एक समय सूर्यनमस्कार महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल मान्धाता सिंह थे तथा मुख्य वक्त राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख राम माधव जी थे। कार्यक्रम में प्रान्त प्रचारक मुरलीधर जीए विभाग प्रचारक चन्द्रसेखर जीए महानगर प्रचारक डा धर्मेन्द्र जी उपस्थित थे।
सवेरे से ही जोधपुर के हर रास्ते से विद्यार्थियों की टोलिया न्यू पोलो ग्राउंड की और जा रही थी। सुबह 8.00 बजे से ही न्यू पोलो ग्राउण्ड जाने वाली सड़क पर विद्यार्थियों से भरी बसों की लाइन लगी रही। सारा शहर ही विवेकानन्द का संदेष की “हम गीता के ज्ञान को तभी समझ सकते है जब हम फुटबाॅल के मैदान में अपनी मांसपेषियँा मजबुत करेंगे“ को चरितार्थ करने लगा है।
जोधपुर महानगर के लगभग 148 विद्यालयों व 2 महाविद्यालयों के 23466 छात्र-छात्राओं ने एक साथ सूर्यनमस्कार करके मरूधरा की धरती पर एक नया इतिहास रच दिया। 17245 छात्र व 6221 छात्राओं के साथ पूरे शहर के करीब 1055 गणमान्य लोग भी ऐसे अद्भूत दृष्य को देखने के लिए उपस्थित थे।
सप्ताह पूर्व कार्यकर्ताओं ने योजना बनाकर शहर की अलग-अलग स्कूलों में सम्पर्क कर सूर्यनमस्कार का प्रशिक्षण विद्यार्थी को दिया। पूरे मैदान को 100 ब्लाॅक में बाटा गया विवेकानन्द की 150वीं जयन्ति आयोजित इस सूर्यनमस्कार में इतने बड़ी संख्या में छात्र शक्ति ने भाग लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
इस कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत माँ भारती व युवाओं के प्रेरणास्रोत विवेकानन्द के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन कर हुई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति, जोधपुर महानगर संयोजक डाॅ. कैलाश डागा मंचस्थ से अतिथियों का परिचय करवाया।
समिति के विभाग प्रभारी श्री चन्द्रषेखर जी ने कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डालते हूए कहा कि जब हमारा शरीर मजबुत होगा तो मन मजबूत होगा और जब दोनों मजबूत होंगे तो ही भारत माँ की सेवा की जा सकती है। उन्होने सूर्यनमस्कार के महत्व को समझाते हूए विद्यार्थीयों से रोजाना सूर्यनमस्कार करने का आग्रह किया। उन्होने छात्र शक्ति को समाज हित में कुछ करने हेतु प्रेरित करते हूए कहा कि हमारे चुपचाप बैठने से कुछ नहीं होगा।
उसके बाद श्री शंम्भू सिंह के निदेशन में विद्यार्थीयों ने ड्रम की आवाज व मंत्रों के उच्चारण के साथ सूर्यनमस्कार के सात चक्र पूरे किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड ले. जनरल मान्धाता सिंह ने छात्र शक्ति को अनुशासन में रहकर देश सेवा करने पर जोर दिया। एक कहानी के माध्यम से उन्होने बताया की देश भक्ति की भावना एक निरक्षर बालक के मन में भी जाग सकती है क्योंकि देश भक्ति सभी बातों से बढ़ सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मा. राममाधव जी थे जो कि रा.स्व.संघ के अखिल भारतीय सह सम्पर्क प्रमुख है। उन्होनंे बहुत ही सरल शब्दों में छात्र-छात्राओं को व्यवहार रूप में कैसा होना चाहिए इस पर प्रकाश डाला उन्होने कहा कि बालकों को साउण्ड माईन्ड के साथ-साथ साउण्ड बाॅडी की भी उतनी ही आवश्यकता है। एक अच्छा विद्यार्थी वह नहीं है जो चुपचाप स्कूल आता व जाता है अपितु एक अच्छा विद्यार्थी वह है जो स्कूल जाते समय किसी असहाय की मदद भी करता है, जो अपने मन में सामाजिक संवेदना भी रखता है। उन्होंने चुटकी लेकर कहा कि हमें साउण्ड (स्वस्थ) बाॅडी चाहिए, राउण्ड अर्थात गोल-गोल शरीर नहीं। श्री राममाधव जी ने शिक्षित व्यक्तियों को अपने कर्तव्य का एहसास कराते हुए कहा कि वह प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति कृतघ्न है जब तक लाखों लोग भूखे और अज्ञानी है। क्यांेेिक हम उनके बल पर ही शिक्षित हुए हैं और अब हम उनकी और ध्यान नहीं देते है।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक श्री देवेन्द्र जी जोशी ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री घनश्याम जी ओझा व महानगर युवा शक्ति आयाम प्रमुख श्री सुभाश गहलोत भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान मंचसीन अतिथियों में श्री हनुमान सिंह जी द्वारा लिखित “राजस्थान में विवेकानन्द“ नामक पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में स्वामी जी के राजस्थान से जुड़े संस्मरण लिखे हुए है।
ऊं भास्कराय नम:, देखिए नजारे जब सूर्य नमस्कार के लिए एक साथ उठे हजारों हाथ
फरीदाबाद. स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर एक दर्जन से अधिक
स्कूलों में एक समय पर छात्रों ने सूर्य नमस्कार कर नए भारत के निर्माण का
संकल्प लिया। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए लंबे समय से तैयारियां की जा
रही थी। ताकि कोई कसर न रह जाए।
स्वामी विवेकानंद युवाओं को आगे आकर नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करते
थे। उनका मानना था कि बच्चे नियमित सूर्य नमस्कार करेंगे तो वे शारीरिक रूप
से बलवान होंगे। बुद्धि बढ़ेगी और तनाव मुक्त रहेंगे। इसे ध्यान में रखकर
पूरे देश में सुबह 9 बजे बड़ी संख्या में स्कूली छात्रों ने सूर्य नमस्कार
किया।
जिले के अशोका मेमोरियल, बालाजी, होली चाइल्ड, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर
सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, वैश्य भवन, सेफ्रॉन,
तरुण निकेतन पब्लिक स्कूल, गवर्नमेंट स्कूल सेहत पुर सहित विभिन्न शिक्षण
संस्थानों में 3 हजार से अधिक छात्रों ने सूर्य नमस्कार किया।
इसके पूर्व भारत माता की जय से स्कूल परिसर गुंजायमान हो उठा। विभिन्न
जगहों पर आयोजित इस कार्यक्रम में अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों ने छात्रों
को सफल होने के टिप्स दिए।
अशोक एंकलेव स्थित अशोका मेमोरियल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में
आर्थोपेडिक्स डॉ. पंकज तुली ने छात्रों को नए भारत के निर्माण के लिए आगे
आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की सभ्यता व संस्कृति से पहचान मिलती है। ऐसे में सभी
को देश के विकास में अपना संपूर्ण न्योछावर करना चाहिए। जमुना प्रसाद व शशि
ने छात्रों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया।
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ref : http://www.bhaskar.com/article/HAR-FAR-pix-see-the-sun-salutations-to-view-thousands-of-raised-hands-together-4184396-PHO.html?seq=10
विराट और वृहदस्तर पर सम्पन्न हुआ सूर्य नमस्कार महायज्ञ का आयोजन
स्वामी विवेकानन्दजी
की 150वीं जयंती को वर्षभर विभिन्न आयोजनों के रूप में मना रही स्वामी
विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति के तत्वावधान में सोमवार को विराट व
वृहद स्तर पर सामुहिक सूर्य नमस्कार महायज्ञ का एतिहासिक आयोजन विद्यालयों व
महाविद्यालय स्तर पर धूमधाम व उत्साहपूर्वक तरीके से सम्पन्न किया गया।
उक्त संबंध में जानकारी देते हुए समिति के जिला प्रचार प्रमुख मंगल
नाहर ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला में
सर्वप्रथम प्रातः 8 बजे स्थानीय दुपाड़ा मार्ग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर
में बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें आयोजन के अतिथि के रूप में
सार्ध शती समारोह समिति के साहित्य प्रमुख सत्यनारायण शर्मा तथा विशेष
अतिथि के रूप में समिति के निधी प्रमुख योगेश भावसार व नगर सहसंयोजक ओम
शर्मा उपस्थित थे।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रांतीय सहसंयोजक सुभाष
द्विवेदी द्वारा की गई। इस मौके पर उपस्थित अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम मां
सरस्वती एवं स्वामी विवेकानन्दजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन
करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इसके पश्चात अतिथियों द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को स्वामीजी के
जीवन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों व जानकारियों से अवगत करवाया
गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के भैया/बहिनों सहित उपस्थित आचार्य व
अतिथियों द्वारा सामूहिक सूर्यनमस्कार का प्रस्तुतिकरण किया गया।
इसी प्रकार स्थानीय किला परिसर में संचालित समस्त विद्यालयों के
सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन शासकीय माध्यमिक महालक्ष्मी विद्यालय परिसर
में किया गया जिसमें अतिथियों के रूप में समिति के प्रांतीय सहसंयोजक सुभाष
द्विवेदी, जिला संयोजक प्रकाश रोकड़े, निधि प्रमुख योगेश भावसार तथा नगर
सहसंयोजक ओम शर्मा उपस्थित थे। इस मौके पर कार्यक्रम संचालन संस्था
प्राचार्य मनोहरलाल राॅय द्वारा किया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा सामुहिक
सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया गया।
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